कोरोना का कुंभ- निरंजनी अखाड़े के 17 संत संक्रमित

उत्तराखंड में आस्था के महाकुंभ के बीच अब कोरोना का कुंभ भी शुरू हो गया है। आलम ये है कि कुंभ में संक्रमण फैलने को लेकर अब अखाड़े के साधु-संत आपस में ही भिड़ गए हैं। 

उत्तराखंड में एक महीने के अंदर कोरोना मरीजों के मिलने की रफ्तार में 8814% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 14 फरवरी से 28 फरवरी तक उत्तराखंड में महज 172 लोग संक्रमित पाए गए थे। अब 1 से 15 अप्रैल के बीच का आंकड़ा देखिए। इन 15 दिनों में 15,333 लोग कोरोना की चपेट में आए। अब 14 फरवरी से 14 अप्रैल के बीच का ग्रोथ रेट निकालें तो ये 8814% आता है।

निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास ने कुंभ में बढ़ते संक्रमण के मामलों के लिए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को जिम्मेदार ठहराया है। हरिद्वार में कुंभ मेले का समय 30 अप्रैल तक है। कोरोना के चलते इस साल कुंभ का मेला जनवरी की बजाय 1 अप्रैल से शुरू किया गया था।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए निरंजनी अखाड़े ने 15 दिन पहले ही कुंभ मेला खत्म करने का ऐलान कर दिया था। अब इस अखाड़े के 17 साधु-संतों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अभी कई अन्य अखाड़ों के करीब 200 से ज्यादा साधु-संतों का टेस्ट रिपोर्ट आना बाकी है। अब तक 50 से ज्यादा साधु संत संक्रमित हो चुके हैं। अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देवदास (65) की मौत भी हो चुकी है।

देश में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच कुंभ मेला जारी रखने पर सवाल भी उठ रहे थे।

 

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