Newsi7 Special: यूपी उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस और सपा पूरी ताकत से जुटे, जातीय समीकरण साधने की कोशिश

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यूपी उपचुनाव पर ब्यूरो चीफ दीपाली सिंह का विश्लेषण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए सत्तारूढ़  भारतीय जनता पार्टी के साथ विपक्षी पार्टियां  कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पूरी तैयारी के साथ उतर चुकी है। सभी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इन दोनों सीटों पर जीतना जहां भाजपा के लिए अपनी प्रतिष्ठा को बनाये रखने के लिए जरूरी है, वहीं कांग्रेस और सपा के लिए पिछले विधान सभा और निकाय चुनाव में मिली हार के बाद खुद को साबित करने का एक मौका है।

उपचुनाव के लिए भाजपा ने आज अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। पार्टी ने गोरखपुर से उपेंद्र शुक्ला और फूलपुर से कौशलेंद्र सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया है। इस उपचुनाव के लिए नामांकन कल 20 फरवरी तक भरे जा सकते हैं। उपचुनाव 11 मार्च को होना है। जबकि चुनाव परिणाम 14 मार्च को घोषित किये जायेंगे।

भाजपा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली हुई गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा सीटों के लिए अपने अगड़े-पिछड़े समीकरण को आगे बढ़ाते हुये प्रत्याशी उतारे हैं। फूलपुर सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से मेयर रहे कौशलेंद्र सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया है जबकि योगी के गढ़ गोरखपुर में पार्टी ने संगठन में अगड़ों के चेहरा उपेंद्र दत्त शुक्ला को उतारा है।  पूर्वांचल में भाजपा ब्राहमणों को आगे करने की अपनी रणनीति पर चल रही है। इसी कड़ी में लोकसभा के उपचुनावों में प्रत्याशियों के ऐलान को भी देखा जा रहा है।

दूसरी तरफ सबसे पहले उपचुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित कर कांग्रेस काफी जोश में दिख रही है। कांग्रेस ने फूलपुर से मनीष मिश्र और गोरखपुर से डॉ. सुरहिता करीम कोअपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस राजस्थान उपचुनाव में मिली जीत सेे काफी उत्साहित है और यूपी उपचुनाव को गंभीरता से ले रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के बड़े नेता भी इस उपचुनाव में प्रचार करेंगे।

तो वहीं समाजवादी पार्टी ने भी गोरखपुर सीट ने छोटे दलों के साथ गठजोड़ करते हुए भाजपा के खिलाफ एक बड़े मोर्चे की तैयारी शुरू कर दी है। इसी मिशन के तहत सपा ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे प्रवीण कुमार निषाद को गोरखपुर सीट पर अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि फूलपुर से नागेंद्र पटेल को पार्टी ने टिकट दिया है।

प्रदेश की दो महत्वपूर्ण लोक सभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस और सपा जी जान से जुट गये हैं। उनके प्रत्याशियों के बायोडेटा को देखकर तो यही कहा जा सकता है कि सभी दल जातीय समीकरण को साधने में लगे हैं। अब किसका समीकरण सही बैठता है, यह तो आने वाले उपचुनाव के नतीजों ही बतायेंगे।