महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद SIT गठित, CM याेगी ने दी श्रद्धांजलि

निरंजनी अखाड़े के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला लगातार उलझता ही जा रहा है। पुलिस ने महंत को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि, लेटे हुए हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है।

इस बीच महंत नरेंद्र गिरि 13 पन्नों में लिखा सुसाइड नोट मिला है जिसमें उन्होंने आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी का तीन बार जिक्र किया और पूरे होश में उन्हें अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

ये भी लिखा है कि एक महिला से जोड़कर उनका वीडियो वायरल किए जाने का धमकी दी जा रही थी। इसके चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने बाघंबरी गद्दी मठ का उत्तराधिकारी बलबीर को घोषित किया है। साथ ही अपने प्रिय शिष्यों के नाम वसीयत भी की है।

मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में महंत की पार्थिव देह का अंतिम दर्शन करने के बाद उनको श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि महान संत की मौत के मामले में जांच में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और किसी पर भी संदेह होने पर उसके साथ सख्ती से पेश आया जाएगा। फिलहाल स्वामी आनंद गिरि के साथ ही छह अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। 

सीएम योगी आदित्यनाथ के बेहद सख्त होने के बाद अब जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) गठित की गई है। प्रयागराज के डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने विशेष जांच दल(एसआइटी) का गठन कर टीम का नेतृत्व डिप्टी एसपी अजीत सिंह चौहान को सौंपा है।

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