कानपुर और आगरा मेट्रो की प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन के वर्चुअल माध्यम से अनावरण के अवसर पर ये बाेले CM याेगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के क्रम में आज कानपुर और आगरा मेट्रो की प्रथम प्रोटोटाइप ट्रेन का वर्चुअल माध्यम से अनावरण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के चार शहरों लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो का संचालन पहले से चल रहा है। कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के प्राथमिक सेक्शन, आईआईटी से मोतीझील के बीच नौ किलोमीटर की दूरी का ट्रायल इस वर्ष नवम्बर में करने और जनवरी 2022 तक जनता के लिये मेट्रो सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है


गुजरात में बड़ोदरा के निकल सावली स्थित प्लांट से मेट्रो ट्रेन के पहले सेट को रवाना किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत कानपुर मेट्रो की ट्रेन पूरी तरह मेक इन इंडिया है, जिनका निर्माण गुजरात के संयंत्र में किया गया है।

उन्होंने बताया कि कानपुर प्राथमिक सेक्शन के लिये आठ मेट्रो ट्रेन और दोनों कॉरिडोर को मिलाकर उन्तालीस ट्रेन आयेंगी। इनमें सीसी टीवी कैमेरे, टॉक बैक बटन और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। कानपुर मेट्रो ट्रेन थर्ड रेल यानी पटरियों के सामान्तर चलने वाली तीसरी रेल से ऊर्जा प्राप्त करेगी, इसलिये खम्भों और तारों के सेटअप की आवश्यकता नहीं होगी। इससे बुनियादी ढांचा बेहतर और सुन्दर दिखाई देगा।


 आगरा मेट्रो का प्राथमिक कॉरिडोर ताज पूर्वी गेट से लेकर जामा मस्जिद तक, छह किलोमीटर लम्बा है। इस ट्रैक पर दिसम्बर 2023 तक मेट्रो संचालन का लक्ष्य है। इस निर्माणाधीन ट्रैक में तीन एलीवेटेड और तीन भूमिगत स्टेशन होंगे। फतेहाबाद रोड पर दो सौ बहत्तर करोड़ रूपये की लागत से तीन मेट्रो स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। भूमिगत मेट्रो स्टेशनों में ताजमहल, आगरा किला और जामा मस्जिद स्टेशन होंगे। आगरा मेट्रो ट्रैक की लम्बाई तीस किलोमीटर होगी। सिकन्दरा से ताज पूर्वी गेट तक पहला ट्रैक 14 किलोमीटर और आगरा कैंट स्टेशन से कालिन्दी विहार तक दूसरा ट्रैक 16 किलोमीटर लम्बा होगा। आगरा में मेट्रो के कुल 27 स्टेशन होंगे। भूमिगत ट्रैक साढ़े सात किलोमीटर और ऐलीवेटेड ट्रैक साढ़े बाईस किलोमीटर लम्बा होगा।

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