World Population Day: जानें इतिहास और इस साल की थीम

आज 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस है। हर साल इस दिन जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। देश में जनसंख्या विस्फोट ने हमारे विकास को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। जितनी बड़ी देश की जनसंख्या, उतनी बड़ी समस्याएं इसलिए बढ़ी हुई जनसंख्या को कम करना हमारे लिए बेहद आवश्यक है। 

दरअसल, विश्व की जनसंख्या को 1 अरब तक पहुंचने में हजारों साल लगे थे लेकिन इसके बाद सिर्फ 200 साल में ही आबादी 7 गुना तक बढ़ गई। 2011 में विश्व की आबादी 7 अरब को भी पार कर गई। अनुमान के मुताबिक 2030 तक विश्व की आबादी 8.5 अरब और 2050 तक 9 अरब और 2100 तक 10.9 अरब होगी।

11 जुलाई 1987 को दुनिया की जनसंख्या 5 अरब हो गई थी। संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस पर चिंता प्रकट की इसके बाद 11 जुलाई 1989 को संयुक्त राष्ट्र में बढ़ती आबादी को काबू करने और परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके साथ ही पहली बार विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया

इस साल विश्व जनसंख्या दिवस की थीम है- बच्चे की जन्म दर में विस्फोट का समाधान प्रजनन दर में बदलाव से ही संभव है और इसके लिए लोगों का प्रजनन स्वास्थ्य और उनका अधिकार महत्वपूर्ण है। 

भारत चीन के बाद विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है. कोविड -19 महामारी के इस दौर में हम बढ़ी हुई आबादी के दुष्परिणामों को समझ गए हैं. मेडिकल संसाधनों के अभाव ने इस महमारी में कई लोगों को मौत की नींद सुला दी इसलिए जनसंख्या प्रबंधन न सिर्फ देश बल्कि विश्व के लिए जरूरी है। 

loading...