इम्यूनिटी बूस्टर है तुलसी, रोजाना ऐसे करें सेवन

आयुर्वेद में तुलसी को औषधि माना जाता है। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो कई रोगों में लाभकारी होते हैं। डॉक्टर्स भी बदलते मौसम में होने वाले मौसमी बुखार, सर्दी-खांसी और जुकाम में तुलसी के पत्तों का काढ़ा पीने की सलाह देते हैं। विशेषज्ञों की मानें तुलसी के पत्तों का सेवन करने से बढ़ते वजन और शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है। 

आयुर्वेद में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है। तुलसी की जड़, उसकी शाखाएं, पत्ती और बीज सभी का अपना-अपना महत्व है। आमतौर पर घरों में दो तरह की तुलसी देखने को मिलती है एक जिसकी पत्त‍ियों का रंग थोड़ा गहरा होता है और दूसरा जिसकी पत्तियों का रंग हल्का होता है।

पुरुषों में शारीरिक कमजोरी होने पर तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा यौन-दुर्बलता और नपुंसकता में भी इसके बीज का नियमित इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा यौन-दुर्बलता और नपुंसकता में भी इसके बीज का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद रहता है।

सांस की दु्र्गंध को दूर करने में भी तुलसी के पत्ते काफी फायदेमंद होते हैं और नेचुरल होने की वजह से इसका कोई साइडइफेक्ट भी नहीं होता है। अगर आपके मुंह से बदबू आ रही हो तो तुलसी के कुछ पत्तों को चबा लें ऐसा करने से दुर्गंध चली जाती है।

तुलसी के बीजों में फ्लैवोनोइड्स और फेनोलिक शामिल होते हैं जो कि मानव के शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली को सुधारते हैं। तुलसी एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है जो कि शरीर में फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाती है। अगर आप इसकी पत्तियां चबाते हैं या फिर इससे हर्बल-टी बनाकर पीते हैं तो उससे शरीर को लाभ होता है। अगर किसी भी इंसान का इम्युनिटी सिस्टम स्ट्रॉन्ग है तो उसे बीमारियां कम लगती हैं और वह उनका मुकाबला कर लेता है।

loading...