प्रो. डॉ. बी. के. ओझा ने मानव सेवा को बनाया अपने जीवन का मकसद

Web Journalism course

 

लखनऊ। वो धरती के भगवान हैं, लावारिसों के वारिस और अपने क्षेत्र के महारथी हैं। मानव सेवा  में उन्हें परम सुख की अनुभूति होती है।आइए मैं दीपाली सिंह आपका तारूफ कराती हूं प्रतिष्ठित किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. डॉ. बी. के. ओझा से, जो डॉक्टरी पेशे में निहित सेवा भाव को अपने उत्कृष्ट कार्यों से बखूबी अंजाम दे रहे हैं। दूसरों की सेवा के लिए भी हमेशा तैयार रहने वाले डॉ. ओझा, परोपकार को धार्मिक कार्य की संज्ञा देते हैं। वह मरीज़ों के लिए किसी मसीहा से कम नहीं हैं।

पूर्वांचल के गोरखपुर से तालुल्लक रखने वाले प्रोफेसर डॉ. ओझा ने मानव सेवा परमो धर्म का अनुसरण करते हुए अपने विभाग को नई ऊचाईयों तक पहुंचाया। उन्हें अपने मरीजों से बेहद लगाव है, वह रात-दिन एक करके मरीजों को हर वह सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करते रहते हैं, जिसकी उन्हें आवश्यकता है। केजीएमयू ने उन्हें वर्ष 2013 में मरीजों की सेवा, अध्यापन और शोध कार्य के लिए उत्कृष्टता सम्मान से सम्मानित किया।

लावारिस मरीजों के बने वारिस

डॉ. ओझा के पास ऐसे कई न्यूरो रोग से ग्रसित लावारिस मरीज आये जिनका दिमागी संतुलन ठीक नहीं थी या फिर वो अपनी यादाश्त खो चुके थे, ऐसे में उन असहाय मरीजों का डॉ. ओझा और उनके विभाग की टीम ने मिलकर न सिर्फ उचित इलाज करके उन्हें ठीक किया बल्कि उनके घर का पता-ठिकाना खोजकर उन्हें उनके अपनो से मिलवाया। कई बार डॉक्टर साहब ने पैसों से भी उनकी सहायता की। गत वर्षों में अब तक दर्जन भर से अधिक ऐसे मरीजों का इलाज कर उन्हें उनके घर पहुंचा चुके हैं।

प्रो. ओझा के प्रयत्नों से न्यूरोसर्जरी विभाग में दो इमरजेंसी बेड का भी इन्तजाम करवाया गया है, जहां गंभीर मानसिक रोगियों को भर्ती किया जाता है। उन्होंने दूसरों की सेवा को अपने जीवन का मकसद बना लिया है।

कहते हैं कि डॉक्टर मरीजों के लिए भगवान का रूप होते हैं, लेकिन आज जिस तरीके से चिकित्सा का व्यवसायीकरण हो रहा है, अच्छे और ईमानदार डॉक्टर मिलना मुश्किल हो गया है। लेकिन डॉ. ओझा जैसे डॉक्टर आज भी लोगों की उम्मीदों पर खरे उतर रहे हैं। सादगी पसंद और प्रतिभा के धनी डॉक्टर ओझा आज लखनऊ में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, वह न सिर्फ लखनऊ बल्कि देश के बेहतरीन और नामचीन न्यूरोसर्जन हैं।

उनके नेतृत्व में न्यूरो सर्जरी विभाग सीमित संसाधनों में भी अपनी अलग पहचान बनाते हुए गरीब मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया करा रहा हैं। वहीं निराश्रित मरीजों को ठीक करके उन्हें उनके अपनों से मिलवाने का पुण्य कार्य भी कर रहे हैं।

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.