एनटीपीसी ने मुख्य न्यायिक मेजिस्ट्रेट के समक्ष जमा की 25 मृतक श्रमिकों की क्षतिपूर्ति

उत्तराखंड के चमोली जिले में आई प्राकृतिक आपदा के कारण तपोवन विष्णुगाड़ परियोजना में काम कर रहे 139 श्रमिक लापता हैं। राहत कार्यों के बीच अब तक 25 शव बरामद किए जा चुके हैं। ऐसे में एनटीपीसी मृतकों के परिवार तक कामगार क्षतिपूर्ति अधिनियम मुआवजे के त्वरित भुगतान की प्रक्रिया तेज़ कर चुका है।

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एनटीपीसी द्वारा पीड़ित परिवारों के लिए कामगार क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 (Employees Compensation Act, 1923) के प्रावधानों के अंतर्गत क्षतिपूर्ति भुगतान की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है । आज एनटीपीसी द्वारा कुल 25 परिवारों की क्षतिपूर्ति राशि – कुल 3 करोड़ 52 लाख रुपये मुख्य न्यायिक मेजिस्ट्रेट ,जिला कोर्ट, गोपेश्वर में जमा की गई। यह राशि कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के प्रावधान के अनुसार संविदा कर्मियों के मिलने वाली मासिक आय, कौशल आदि के तहत गणना करके की गयी है l इन 25 लोगों की सूची (मृत्यु प्रमाण पत्र )राज्य सरकार द्वारा एनटीपीसी को मुहैया कारवाई गयी है जिस पर एनटीपीसी ने त्वरित कार्यवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मेजिस्ट्रेट ,जिला कोर्ट, गोपेश्वर में जमा कारवाई है।

अन्य लापता श्रमिकों के संबंध में जैसे ही संबन्धित राज्य सरकारों द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे, एनटीपीसी कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक पीड़ित परिवार के लिए कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के प्रावधान अनुसार राशि का भुगतान मुख्य न्यायिक मेजिस्ट्रेट ,जिला कोर्ट, गोपेश्वर में कर देगी।

उल्लेखनीय है उक्त राशि एनटीपीसी द्वारा प्रत्येक संविदकर्मी के पीड़ित परिवार के लिए घोषित 20 लाख रुपए से अतिरिक्त है, जो कंपनी के निजी सौजन्य से घोषित की गई है। 7 फरवरी 2021 को आई प्राकृतिक आपदा ने सैकड़ों परिवारों को प्रभावित किया है। एनटीपीसी, तपोवन परियोजना में कार्य कर रहे लापता श्रमिकों के गमगीन परिवारों की हरसंभव मदद के लिए तैयार है और उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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