PM Modi- देश को रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए निजी क्षेत्र की महत्‍वपूर्ण भूमिका

PM मोदी ने जोर देकर कहा है कि निजी क्षेत्र रक्षा उत्‍पादों के बारे में अनुसंधान, डिजायन और उनके देश में विनिर्माण में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाकर देश को रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भर बना सकता है।

उन्‍होंने निजी क्षेत्र से अपील की कि वह सरकार के साथ पूरे तालमेल से कार्य करे ताकि 21वीं सदी की आवश्‍यकताओं के अनुसार रक्षा टेक्‍नोलाजी विकसित करने की कार्य योजना तैयार हो सके।
 
2021 के केन्‍द्रीय बजट में रक्षा क्षेत्र के प्रावधानों पर कारगर तरीके से अमल के बारे में आज एक वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्रालय के खर्च में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण की सरकार की वचनबद्धता को प्रदर्शित करती है। उन्‍होंने कहा कि पूंजीगत बजट में रक्षा सामग्री की देश में ही खरीद की व्‍यवस्‍था की गई है।
 
रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम करने की आवश्‍यकता पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा कि देश को रक्षा उपकरणों के आयातकर्ता देश की बजाय इनका निर्यातक बनने के प्रयास करने चाहिए। उन्‍होंने कहा कि सरकार रक्षा टैक्‍नोलोजी और उपकरणों के स्‍वदेश में ही निर्माण को बढावा दे रही है। उन्‍होंने कहा कि इससे सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यमों तथा स्‍टार्टअप क्षेत्र को फायदा होगा।

उन्‍होंने कहा कि देश में विकसित किये जा रहे रक्षा कोरिडोर से स्‍थानीय उदयमियों और कम्‍पनियों को फायदा होगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि आज जो सुधार किये जा रहे हैं उनसे सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यमों को अधिक स्‍वतंत्रता मिलेगी और उनका विस्‍तार हो सकेगा।
   
श्री मोदी ने कहा कि भारत ने एक सौ महत्‍वपूर्ण रक्षा वस्‍तुओं की सूची तैयार की है जिसे नकारात्‍मक सूची नाम दिया गया है। लेकिन इस सूची में शामिल उत्‍पादों के निर्माण में आत्‍मनिर्भरता हासिल कर सकारात्‍मक सूची लाया जा सकता है और रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता का लक्ष्‍य प्राप्‍त किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सकारात्‍मक सूची से विनिर्माण की स्‍वदेशी क्षमता बढाने में मदद मिलेगी और देश में रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे।

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