गलवान घाटी की हिंसक झड़प के 8 महीने बाद चीन ने किया यह कबूलनामा

चीन ने पहली बार आधिकारिक तौर से माना है कि गलवान घाटी की हिंसा में उसके 4 सैनिक मारे गए थे और एक सैनिक घायल हुआ था. चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) ने इन सभी सैनिकों को बहादुरी पदक से नवाजा. हालांकि, भारत और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया एजेंसियों का मानना है कि इस हिंसा में चीन के 45 सैनिक मारे गए थे.

भारत और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का मानना है कि चीन के कम से कम 45 सैनिक गलवान घाटी की हिंसा में मारे गए थे. लेकिन आपको यहां पर ये बता दें कि सीएमसी ने मारे गए कुल सैनिकों की संख्या नहीं बताई है, उन सैनिकों की जानकारी दी गई है जिन्हें बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया है.

चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) ने ये सम्मान पीएलए सैनिकों को दिया है. सीएमसी, चीन की सबसे बड़ी सैन्य संस्था है और चीन के राष्ट्रपति, शी जिनपिंग इसके चैयरमैन हैं.

गलवान घाटी की हिंसा में भारतीय‌ सेना के कुल 20 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे, उनमें से छह को वीरता मेडल से नवाजा गया था. कर्नल संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र और पांच अन्य सैनिकों (चार मरणोपरांत) को वीर चक्र दिया गया था.

गौरतलब है कि नौ महीने के टकराव के बाद भारत और चीन पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी पर डिसइंगेजमेंट के लिए तैयार हो गए हैं और दोनों देशों की सेनाओं ने फ्रंटलाइन से पीछे हटना शुरू कर दिया है.

 

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