Piramal Group को DHFL के अधिग्रहण के लिए मिली इसकी मंजूरी

पीरामल ग्रुप (Piramal Group) ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने उसके डीएचएफएल अधिग्रहण सौदे को मंजूरी दे दी है। पीरामल समूह ने इस बारे में बयान जारी कर जानकारी दी है।

कर्ज के बोझ तले दबी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) के कर्जदाताओं की समिति (CoC) ने इस वर्ष 15 जनवरी को पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की समाधान योजना को मंजूरी दे दी थी। 

डीएचएफएल ने पिछले सप्ताह बताया था कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर, 2020) में उसे कंसोलिडेटेड आधार पर 13,095.38 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान हुआ है। एक वर्ष पहले समान अवधि में कंपनी को 934.31 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। 

आरबीआइ ने नवंबर, 2019 में देश की तीसरी सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी डीएचएफएल को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया के लिए भेजा था। उससे पहले कंपनी को बोर्ड को सुपरसीड करते हुए आर सुब्रमणियकुमार को कंपनी का एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया गया था। वह इंसाल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत रिजोल्यूशन प्रोफेशनल भी हैं। 

कर्ज में फंसी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के वित्तीय कर्जदाताओं ने DHFL पर 87,031 करोड़ रुपये के बकाये का दावा किया है।

BSE पर DHFL के एक शेयर की कीमत 4.94 फीसद के उछाल के साथ 18.05 रुपये पर रही। वहीं, पीरामल इंटरप्राइजेज के एक शेयर की कीमत 0.52 फीसद के उछाल के साथ 1,896.90 रुपये पर रही।

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