कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का ‘रेल रोको’ आंदोलन, रेलवे ने की चाक चाैबंद सुरक्षा

पहले ट्रैक्टर परेड फिर चक्का जाम और आज रेल रोको आंदोलन। प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर पहुंचे गए, पटरियों पर लेट गए और ट्रेन भी रोक दी। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने सभी को ट्रैक से हटाया। रेलवे सुरक्षा बल के डीजी ने किसानों से साफ अपील की है कि किसी भी तरह की हिंसा ना हो। लोगों को किसी भी तरह की परेशानी ना हो और प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण किया जाए।

 

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज गुरुवार को दोपहर में चार घंटे का रेल रोको अभियान चलाने का ऐलान किया है, जिसके तहत पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में किसान संगठनों ने रेल रोकी। वहीं रांची और मेरण में भी प्रदर्शनकारियों ने रेल रोकी है।

पटना में कृषि कानूनों के विरोध में जनअधिकार पार्टी ने आंदोलन किया है और रेल रोकी है। पंजाब में कई स्थानों पर रेलवे पटरी पर बैठकर किसान संगठन से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन किया है। हालांकि इस आंदोलन को लेकर भी सभी किसान संगठन सहमत नहीं है और कई किसान संगठनों ने रेल रोको अभियान को समर्थन नहीं किया है। कुछ किसान संगठनों ने सांकेतिक रूप से ट्रेन रोके जाने की बात कही है।

रेल रोको आंदोलन के चलते रेलवे स्टेशनों और रेल पटरियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। RPSF के लगभग 20000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। सूत्रों के मुताबिक खतरे की आशंका को देखते हुए रेल संचालन बंद किया जा सकता है। वहीं किसान संगठनों की कोशिश है कि बड़े स्टेशनों पर ट्रेनों को रोका जाए, जिससे यात्रियों को भोजन व अन्य जरूरी सामान आसानी से उपलब्ध हो सके।

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