Newsi7 Special- सरकार, इनकम टैक्स विभाग और घाेटाले, कितनी मज़बूत है पकड़

Web Journalism course

 पीएमबी बैंकिंग घोटाले पर सम्पादक पराग कुमार का विश्लेषण

लखनऊ। यूं ताे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक सुधाराें काे पटरी पर लाने के लिए 2016 में नाेटबंदी और 2017 में जीएसटी लगाकर कड़े कदम उठाए परंतु यदि सरकार की नाक के नीचे बड़ा घोटाला हो जाए और किसी को कुछ पता भी न चले ताे ऐसे सारे कठोर कदम बेबुनियादी हाे जाते हैं।

हाल ही में हुए बेल्जियन भारतीय नागरिक नीरव मोदी का जिसने भाई निशाल मोदी, पत्नी एमी माेदी और मामा मेहुल चाेकसी के साथ मिलकर 11000 करोड़ से भी अधिक का बैंकिंग घोटाला करके देश में सनसनी फैला दी।

पंजाब नेशनल बैंक में हुएअब तक के सबसे बड़े घाेटाले में नीरव ने बैंक के फॉरेन एक्सचेंज डिपार्टमैंट के अधिकारियों के साथ मिलकर जाे धाँधली की वह भारतीयों की अंतरराष्ट्रीय साख काे धूमिल करता है। इस पूरे प्रकरण की खास बात यह रही कि ऐसी जालसाज़ी आज से नहीं अपितु 2011 से शुरू हाे चुकी थी और किसी काे भी कानाेकान खबर तक न लगी क्या यह संभव हो सकता है ? यूपीए सरकार के समय से चलने वाला घोटाला भाजपा सरकार के समय खुलता है और अाराेपाें का दाैर शुरू हाे जाता है बेचारी जनता समझ ही नहीं पाती कि अच्छा किसे कहें और बुरा किसे? प्रधानमंत्री के आर्थिक सुधाराें की राह में इस घाेटाले ने एक बदनुमा दाग लगाया है और बैंकाें की कर्ज प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाये हैं।

एक सवाल और उठता है कि जब इतनी ऊंची रसूख वाले लाेग जिनका हजारों करोड़ का बिजनेस है, टर्नआेवर है देश दुनिया में जाना माना नाम है हॉलीवुड और बॉलीवुड की नामचीन हस्तियां उठती बैठती हैं वह अपनी और अपने परिवार की इज्ज़त ताक पर रखते हुए ऐसा सुनियोजित कदम उठाने का फैसला लेगा ताे आम आदमी काे क्या सुधरने का पाठ पढ़ायेगें?

सरकार आम आदमी से ताे तमाम तरह के टैक्स वसूलती है न देने पर हर्जाना लगाती है लेकिन घाेटाले करने वाले खरबपतियाें से क्यों नहीं वसूल पाती? आम आदमी की गाढ़ी कमाई का काेई पुरसाहाल लेने वाला नहीं है।

हर ओर देश की भाेली भाली जनता ही पिसती है और ललित मोदी, विजय माल्या और अब नीरव मोदी जैसे लाेग उल्लू बनाकर देश से बाहर निकल जाते हैं l सरकारें जनता काे आश्वासन देने के अलावा कोई रास्ता नहीं दिखाती इसीलिए एक मामूली व्यक्ति भी धोखा देने या जुर्म करने का प्रयास करता है क्योंकि उसे सजा का डर नहीं है।

कम से कम अब तो सरकार काे ऐसा कोई ठाेस कदम उठाना चाहिए जिससे बड़े जालसाजाें काे नापा जा सके और कठाेर कार्यवाही कर जेल भेजा जा सके साथ ही धन की उगाही भी की जा सके। जब तक सख्ती नहीं की जाएगी तब तक कुछ होने वाला नहीं है।