उत्तराखंड: सीएम रावत ने आम जनता को समर्पित किया जानकी सेतु

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तीर्थनगरी में मुनी की रेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित जानकी सेतु जनता को समर्पित किया। इसके साथ ही उन्होंने लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में बजरंग सेतु के निर्माण की घोषणा भी की।

वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने मुनी की रेती और स्वर्गाश्रम के बीच जानकी सेतु के निर्माण की घोषणा की थी वर्ष 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने इस ब्रिज का उद्घाटन किया था, लेकिन तमाम अड़चनों के चलते इस पुल का समय पर निर्माण नहीं हो पाया। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इन तीन वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश भर में ढाई सौ से अधिक पुलों का निर्माण किया है। इनमें बहुप्रतीक्षित डोबरा चांठी पुल और जानकी सेतु भी शामिल है। लक्ष्मण झूला पुल के विकल्प के रूप में जल्द ही बजरंग सेतु का निर्माण किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि बजरंग सेतु के दोनों ओर की लेन कांच की बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसके अलावा ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग पर सिंगठाली के पास गंगा नदी पर और बैराज-चीला मार्ग पर बीन नदी पर पुल बनाने की भी घोषणा की।

उन्हाेंने कहा कि हमने प्रदेश को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने का काम किया है। भ्रष्टाचार के मामले में हमने कई आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए है। जब तक हमारी सरकार रहेगी, भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम जारी रखेंगे।

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