टैब-टीवी पर घंटो बिता रहे बच्चे, आंखों का ऐसे रखें ख्याल…

कोरोना महामारी के चलते स्कूल बंद हैं, ऐसे में पढ़ाई के लिए ऑनलाइन क्लासेज हो रही हैं. आधे दिन बच्चे इसमें बिजी रहते हैं. बाकी के समय में बाहर न निकलने की वजह से ऑनलाइन गेम खेलते हैं या टीवी देखते हैं. इन सबका असर उनकी आंखों पर पड़ रहा है.

मोटे तौर पर, हाल के सप्ताहों में करीब 40 प्रतिशत बच्चों में आंखों व देखने की तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ा है. जाने-माने नेत्र विशेषज्ञ डा. संजय सक्सेना के मुताबिक, इनमें से अधिकतर बच्चों में अभिसरण अपर्याप्तता की समस्या देखी गई. यानी ऐसी अवस्था, जहां निकट स्थित किसी चीज को देखने के दौरान आंखें एक साथ काम करने में असक्षम रहती हैं. इस स्थिति के चलते एक आंख के अंदर रहने के दौरान दूसरी बाहर की ओर निकल आती है, जिससे चीजें या तो दो या धुंधली लगती हैं.

उन्होंने कहा, बच्चे कंप्यूटर के आगे लंबे समय तक बैठे रहते हैं, स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं जिससे आंखों में खुजली और जलन की समस्या पैदा हो जाती है, ध्यान लगाने में परेशानी होती है, सिर दुखता है, आंखों में दर्द होता है.

नेत्र विशेषज्ञ शिखा गुप्ता भी यही कहती हैं कि लॉकडाउन के चलते बच्चे आठ से दस घंटे तक का समय इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में बिताते हैं. वे या तो ऑनलाइन क्लासेज कर रहे हैं या कार्टून देख रहे हैं या वीडियो गेम्स खेल रहे हैं. माता-पिता को लगता है कि यह उन्हें व्यस्त रखने का सबसे बेहतर तरीका है, लेकिन इतना ज्यादा वक्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में बिताने से आंखों को नुकसान पहुंचता है.

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