काेराेना के समय बच्चाें काे दें यह पाेषण

बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर पैरेंट्स अक्सर चिंतित रहते हैं. बच्चों को यदि सही पोषण दिया जाये, तो उनकी इम्यूनिटी मजबूत बनी रहती है. इससे कुपोषण और बीमारी का खतरा कम हो जाता है.

बच्चों के लिए दूध को अमृत के समान माना गया है. बच्चों के आहार में विटामिन, प्रोटीन और लवण की अच्छी मात्रा होनी चाहिए. उन्हें तरल पदार्थ के रूप में दूध देना चाहिए. यह एक संपूर्ण पौष्टिक आहार है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है. इसमें मौजूद कैल्शि‍यम, प्रोटीन, विटामिन डी, विटामिन बी12, मैग्नीशियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट बच्चे के लिए बहुत फायदेमंद हैं. इसमें पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम पायी जाती है, जो उनकी हड्डियों को मजबूत बनाती है.

बच्चों को उम्र के अनुसार रोजाना 1 से 3 कप सब्जी खिलाएं. बच्चों को सब्जी का सूप बनाकर दें. पालक या ब्रोकली का सूप स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहता है. हरी सब्जियों में ढेर सारे विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं.

फल और सब्जियों के रस में पॉलीफेनोल, फाइबर और नाइट्रेट होता है. ये यौगिक प्रोबायोटिक की तरह काम करते हैं. इससे पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है. नीबू और संतरे विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं. विटामिन सी मसूड़ों और रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाते हैं.

दाल का पानी शिशु और बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. शिशुओं को पतले दाल का पानी दें. वहीं, एक साल से बड़े बच्चों के आहार में पतली दाल को शामिल करें. बच्चों के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी होता है. दाल को प्रोटीन का पावर हाउस माना जाता है.

सूखे मेवे जैसे ड्राई फ्रूट खिलाएं. ये आयरन से भरपूर होते हैं, जिससे रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है. इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड बच्चों के मस्तिष्क के विकास के लिए आवश्यक हैं. इससे बच्चों में एनीमिया का खतरा कम हो जाता है.

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