पैसाें की कमी से जूझ रही हैं सरकारी कंपनियां, वित्त मंत्री ने कहा- शेयर धारकों को डिविडेंड दो

सरकार ने नकदी से संपन्न सरकारी कंपनियों से इस साल डिविडेंड देने को कहा है। कोरोना संकट के दौरान सरकार ने मंशा जताई है कि पीएसयू कंपनियां अपने शेयरधारकों को उच्चतम लाभांश दें। इससे सरकार को भी फायदा होगा।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि, सरकारी कंपनियों का स्टॉक प्राइस बुक वैल्यू से अधिक है और कैश की भी मात्रा पर्याप्त है। इसलिए सरकारी कंपनियों को अपने शेयरधारकों को वित्त वर्ष 2021 में हायर डिविडेंड देने को कहा जाएगा। क्योंकि केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी रखती है। अब ऐसे में डिविडेंड के ऐलान के बाद सरकार का खजाना भी भरेगा, जो कोरोना महामारी के कारण खाली हो गया है।

वित्त वर्ष 2021 में नॉन-फाइनेंशियल पीएसयू के डिविडेंड का बजट लगभग 65,747 करोड़ रुपए है। अगर डिविडेंड में बढ़ोतरी होती है, तो सरकार के नॉन-टैक्स से आने वाले रेवेन्यू में इजाफा होगा। इससे फिस्कल डेफिसिट में बढ़ोतरी होगी, जो वर्तमान में जीडीपी का करीब 8% आंका गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनसे पहले के वित्त मंत्रियों ने नॉन-फाइनेंशियल सरकारी कंपनियों को सलाह देने की नीति को बनाए रखा है, कि यदि वे कैपेक्स की जरूरतों के लिए अपने कैश रिजर्व का उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें इसे डिविडेंड या शेयर बायबैक के माध्यम से केंद्र सरकार को दे देने चाहिए।

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