पत्नियों की इन आदतों से चिढ़ उठते हैं पति, एक बार जान ले वरना…

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पति और पत्नी का संबंध दुनिया में अनूठा माना जाता है। कहते हैं कि इनके बीच जो रिश्ता होता है, वैसा और किसी के बीच नहीं। लेकिन झगड़े भी इनके बीच ही सबसे ज्यादा होते हैं। कई बार ये लड़ाइयां इतना भद्दा रूप ले लेती हैं कि पड़ोसियों तक को इसमें दखल देना पड़ता है। यह सबसे खराब बात होती है। पर लाचारी की हालत में ऐसा करना ही पड़ता है। कई बार पतियों के गलत व्यवहार के कारण भी झगड़े होते हैं, लेकिन अक्सर पत्नियां भी अपनी दबंगई दिखाने से बाज नहीं आतीं। जानते हैं, पत्नियों की वे कौन-सी आदतें हैं, जिससे पतियों के साथ उनका अक्सर झगड़ा होता है।

लगातार बोलते रहना

कई पत्नियां एक बार बोलना शुरू हो जाए, तो नौनस्टौप बोलती रहती हैं। पता नहीं उन के पास इतनी बातों का स्टौक कहां से आता है। सहेली की शादी में जा कर आएं, डाक्टर को दिखा कर आएं, पड़ोसी के घर में नया टीवी आए, विषय कोई भी हो, वे उस की रनिंग कमैंट्री शुरू कर देती हैं। 1-1 मिनट का ब्योरा पूरे विस्तार के साथ देने लगती हैं। जबकि पति चाहते हैं कि बातचीत सीमित हो। टू द पौइंट हो।

दूसरी महिलाओं की प्रशंसा से ईर्ष्या

अकसर दूसरी किसी महिला की प्रशंसा अपने पति के मुंह से सुनते ही पत्नी के चेहरे का रंग बदल जाता है। उस के मन में ईर्ष्या उत्पन्न हो जाती है। मन में शक का बीज पनप जाता है। उसे लगने लगता है कि अवश्य ही पति उस महिला की ओर आकर्षित हो रहा है। कुछ महिलाएं भावुक हो कर पति को खरीखोटी भी सुनाने लगती हैं या फिर मुंह फुला कर बैठ जाती हैं। बहुत सी तो आंखों से आंसू बहाते हुए यह भी कहने लगती हैं कि तुम्हें तो मेरी कोई चीज अच्छी ही नहीं लगती। सारा दिन उसी के गुण गाते रहते हो। उसी के पास चले जाओ। पतियों को पत्नियों की यह आदत बिलकुल अच्छी नहीं लगती।

फिजूलखर्ची की आदत

अधिकांश महिलाएं अपने पतियों की जेब काटकर पाई-पाई जोड़कर रखती हैं ताकि वो जरूरत पड़ने पर उन पैसों से अपने पतिओं की मदद कर सकें। लेकिन इसके विपरित अधिकांश पुरुषों को फिजूलखर्ची की आदत होती है जो पत्नियों को रास नहीं आती है। पतियों की फिजूलखर्ची की आदत से महिलाएं इतनी ज्यादा तंग आ जाती हैं कि कई बार इसी बात को लेकर दोनों के बीच नोंक-झोंक हो जाती है।

बेवजह की टोकाटाकी

ये ग्लास यहां क्यों छोड़ दिया? डस्टबिन में कूड़ा बिना पाॅलीथीन के क्यों डाला? तौलिया फिर से यहां छोड़ दिया? जूते यहां क्यों छोड़ दिए? पति सफेद शर्ट पहन कर ऑफिस जाने को तैयार हो तो पूछना ही है, आज ये क्यों पहन ली? अब पति का पारा यहीं पर सातवें आसमान पर। एक तो पहले ही ऑफिस के लिए देर हो चुकी है, ऊपर से अब शर्ट बदलने का झंझट! सो अलग। तो यह असमय, हर कहीं, हर बात पर टोका-टाकी की रोक-टोक पतियों को बहुत इरिटेट करती है। अगर आप इसे बदल लें तो आप ही का पति खुश होगा।

बात घुमाफिरा कर कहना

कई पत्नियां किसी भी बात को साफसाफ नहीं कहतीं। हमेशा घुमाफिरा कर संकेत देने की कोशिश करती हैं। ऐसे में जब पति उन का मकसद नहीं समझ पाते, तो वे ताने कसने लगती हैं। फिर भी पति इशारे को समझ नहीं पाते तो वे चिड़चिड़ी हो कर गलत व्यवहार करने लगती हैं। अत: पति चाहते हैं कि पत्नी जो भी कहना चाहे साफसाफ कहे।

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