करगिल विजय दिवस- सेना के अदम्य शाैर्य, साहस, विजय और वीरता का प्रतीक

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आज करगिल विजय दिवस है। आज करगिल की विजय गाथा को याद कर देश गौरवान्वित हो रहा है।

आज से 21 साल पहले दुश्मन ने जम्मू-कश्मीर में करगिल, द्रास, बटालिक की चोटियों पर बुरी निगाह डाली थी। भारत के वीर जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर इन चोटियों की रक्षा की और इसे पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराया। भारतीय सेना के इन सैनिकों के अदम्य साहस और कुर्बानी को याद और नमन करने के लिए देश हर साल 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस मनाता है।

साल 1999 की सर्दियों में पाकिस्तान की सेना ने मौका देखकर जम्मू-कश्मीर की कुछ चोटियों पर कब्जा कर लिया था। अप्रैल के आखिर और मई के शुरुआत में जब इन चोटियों की बर्फ पिघली तो भारत सरकार को पाकिस्तान की घुसपैठ की जानकारी हुई। पाकिस्तान को यहां से खदेड़ने के लिए 5 मई से 26 जुलाई तक कश्मीर की चोटियों पर दुश्मन के साथ हमारी सेनाओं का युद्ध हुआ। भारतीय सेना के कई जवान इस युद्ध में शहीद हुए। इन जवानों के बलिदान को आज देश नम आंखों से याद कर रहा है।

इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और इंडियन आर्मी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी है और कहा है कि देश इन रणबांकुरों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।

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