चौथी बार सीएम बने शिवराज सिंह चौहान ने साबित किया बहुमत

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मध्य प्रदेश के चौथी बार सीएम बने शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को आसानी से विधान सभा में बहुमत सिद्ध कर दिया। कई दिनों तक चले सियासी हंगामे के पिछले सप्ताह पटाक्षेप के बाद शिवराज ने कल रात ही चौथी बार प्रदेश के सीएम के तौर पर शपथ ली थी। शिवराज सरकार के फ्लोर टेस्ट के दौरान हालांकि कांग्रेस का कोई भी विधायक सदन में मौजूद नहीं रहा।

वहीं, सपा-बसपा और निर्दलीय विधायकों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया। सोमवार रात शपथ ग्रहण के फ़ौरन बाद शिवराज ने विधानसभा में अपना फ्लोर टेस्ट करने का फैसला किया, जिस कारण से मंगलवार से विधानसभा का चार दिवसीय विशेष सत्र आरम्भ हुआ है। इससे पहले सोमवार देर रात विधानसभा अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने अपना इस्तीफा विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कवरे को सौंपा। मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने सोमवार देर रात को जानकारी देते हुए बताया कि चार दिवसीय इस सत्र में तीन मीटिंग होंगी।

उन्होंने बताया कि पहले दिन शिवराज सिंह चौहान की नई सरकार विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेगी। इसके साथ ही नई भाजपा सरकार वित्त वर्ष 2020-21 के लिए लेखानुदान भी प्रस्तुत करेगी। सत्र 27 मार्च को समाप्त होगा। वहीं, शिवराज सिंह चौहान के सीएम के रूप में शपथ लेने के कुछ घंटे बाद ही मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष प्रजापति ने सोमवार देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया।