ज्यादा बीमार रहने से कहीं आपका बच्चा ऑटो इम्यून डिफीशेंसी से पीड़ित तो नहीं? जानें इसके लक्षण

कई बच्चों का इम्यूनिटी इतना कमजोर होता है कि उन्हें मौसम के बदलने से पहले ही बीमारियां लगने लगती हैं. पूरी डाइट न लेना और घर से बाहर न निकलना भी इसकी एक वजह हो सकती है. कई बच्चों का ऐपेटाइट ही कम होता है जिसके चलते वो कम खाना खाते हैं. ऐसे में उनका मेटाबॉलिज्म भी काफी स्लो काम करता है और वीक रहता है.

भारत में करीब 10 लाख बच्चे ऐसे हैं जिन्हें ऑटो इम्यून डिफीशेंसी है. इस बीमारी में बच्चों को जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी, उनका वजन कम होना, नींद न आना, हार्ट बीट का अनियंत्रित रहना, स्किन अच्छी न रहना, दिमाग ठीक तरह से काम न कर पाना.

इसके अलावा अगर आपका बच्चा किसी चीज पर फोकस करने में दिक्कतों का सामना कर रहा है, थका हुआ महसूस कर रहा है, बाल झड़ रहे हैं, पेट में दर्द हो रहा है, मुंह में छाले हो रहे हैं, हाथ और पैरों में झनझनाहट हो रही है या ब्लड क्लॉट होना आदि की समस्याएं हो रही हैं तो गौर करें. ये कई लक्षण हैं जो अगर आपके बच्चे में भी दिखाई दे रहे हैं तो मतलब उसे ऑटो इम्यून डिफीशेंसी है.

इसके लिए आप तुरंत डॉक्टर की सलाह लें. अगर आपका बच्चा बार-बार बीमार हो रहा है और एंटीबायोटिक लेने के बावजूद भी उसे कोई असर नहीं हो रहा है तो ऐसे में विशेषज्ञ की सलाह लें. उन्हें इंफ्केशन फेफड़ों से लेकर जोड़ों तक में हो सकता है जिसकी वजह से उन्हें आर्थराइटिस की समस्या भी हो सकती है.

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