युवाओं के लिए मिसाल, 100 साल के जगतराम की फिटनेस

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उम्र 100 साल, फिटनेस युवाओं की तरह। ऐसे ही फिट बुजुर्ग जगतराम ने रविवार को जीवन के 100 वर्ष पूरे कर लिए। इस खास जश्न में न केवल उनके बेटे ही नहीं बल्कि 21 पोते और पड़पोते भी शामिल हुए।

 

बेहद सरल स्वभाव के जगतराम की जिंदगी का रूटीन भी सरल है। वह पांच साल की उम्र से व्यायाम कर रहे हैं। साधारण भोजन और मौसमी फलों में उनकी दीर्घायु का राज छिपा हुआ है। 

उत्तराखंड के सोड़ा सरौली निवासी जगतरात का कहना है कि बचपन में उनका स्कूल घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर था। वह भाई हर्षपति के साथ पैदल स्कूल जाते थे। तैराकी, घुड़सवारी के साथ ही उन्हें फुटबाल का शौक था। नौवीं कक्षा में फुटबाल टीम का कैप्टन बनाया गया।

जगतराम को हर बात तारीखवार याद

बताते हैं कि वह  श्रीनगर मैच खेलने जाते थे। जिंदगी के इस पड़ाव में भी उनकी फिटनेस बेमिसाल है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां बातों को याद रखना हर किसी के लिए मुश्किल रहता है, वहीं जगतराम को हर बात तारीखवार याद है।

पूछने पर बताते हैं कि सात जुलाई 1944 को आर्डिनेंस फैक्ट्री में उनकी नौकरी लगी थी। 31 मार्च 1978 को ऑफिसर सुपरिटेंडेंट पद से रिटायर हुए। 17 अगस्त 1959 को सोड़ा सरौली में जमीन ली। 
 

शाकाहारी भोजन करें और तंदरुस्त रहें 

jagat ram

जगतराम कहते हैं कि अगर आपकी बॉडी लैंग्वेज सही नहीं है तो इसका असर पर्सनैलिटी पर पड़ता है। युवाओं को अपना तेज बनाकर रखना है तो रोजाना व्यायाम करना पड़ेगा।

आज के युवाओं को लगता है कि मीट और अन्य फूड सप्लीमेंट से बॉडी बनती है, जबकि यह गलत है। मैं शुद्ध शाकाहारी हूं, इसके बाद भी फिट हूं। शाकाहारी भोजन कर हम तंदुरुस्त रह सकते हैं।

यह है जगतराम की फिटनेस का राज 
5 बजे सुबह उठना और नित्य क्रिया, 6.30 बजे तक पूजा करना, 7 से 9 बजे तक व्यायाम और योग, 10:30 बजे चार रोटी, सब्जी, दाल और चावल घी के साथ, 11:00 बजे घी डालकर एक गिलास दूध पीना, 2 बजे दोपहर में मौसमी फल खाते हैं, 6 बजे शाम तक भोजन, इसके बाद मिठाई खाना।