6 महीने से छोटे बच्चों को पानी पिलाने से हो सकता है पीलिया, जानें क्या है सही समय

नई दिल्ली: छोटे बच्चों को कब पानी पिलाना शुरू करना चाहिए? यह सवाल लगभग सभी नई मां बनी महिलाओं को परेशान करता है. क्योंकि ब्रेस्टमिल्क में लगभग 90 प्रतिशत पानी ही होता है, इसी वजह से छोटे बच्चों को उनके शुरुआती दिनों में पानी नहीं दिया जाता. यह कंडीशन मई या जून जैसे गर्मी भरे मौसम में भी लागू होती है, क्योंकि मां का दूध ही उन्हें पूरी तरह से हाइड्रेट रखता है. कई रिसर्च से यह भी मालूम हुआ कि मां का दूध बच्चों में पानी की कमी को पूरी करने के साथ-साथ सभी जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी देता है. और, लगभग 6 महीनों तक बच्चे मां के दूध पर ही निर्भर रह सकते हैं. 

डॉ. गोरिका बंसल के मुताबिक ब्रेस्ट मिल्क छोटे बच्चों के ग्रोथ के लिए संपूर्ण आहार है. मां के दूध को इस तरह समझा जा सकता है. सबसे पहले आता है हिंडमिल्क जिसमें फैट मौजूद होता है और फिर आता है फोरमिल्क यह पानी होता है जिससे बच्चे की प्यास बुझती है. लेकिन यह पानी और फैट दोनों बच्चों तक पहुंचाने के लिए जरूरी है कि उन्हें हरेक साइड से पूरा दूध पिलाया जाए. एक साइड से पूरा दूध पिलाने के बाद ही दूसरी तरफ उन्हें दूध पिलाया जाए. ऐसा ना करने पर उन्हें संपूर्ण पोषक तत्त्व नहीं मिल पाते.

आगे उन्होंने कहा कि यह फॉर्मूला पाउडर दूध में भी लागू होता है. आप उन्हें गुनगुने पानी में दूध पाउडर मिला कर दें. खाली पानी 6 महीने तक के बच्चों के लिए फायदेमंद नहीं होता. 

एक महीने से छोटे बच्चों को पानी देने से होते हैं ये नुकसान:
1. बच्चों को पानी पिलाने से उनका वजन कम हो सकता है और उन्हें पीलिया होने का खतरा बढ़ सकता है. 
2. नवजात बच्चों को पानी पिलाने से उन्हें ओरल वाटर इन्टॉक्सीकेशन हो सकता है. 
3. बच्चों को पानी पिलाने से वह मां के दूध से दूर हो जाते हैं जो उनकी सेहत के लिए अच्छा नहीं.  

बच्चों को पानी कब पिलाएं:
1. जब बच्चा 4 महीने का हो जाए हो आप उसे दिन में एक या दो बार दो से तीन चम्मच पानी पिला सकते हैं.
2. जब भी बच्चा सॉलिड फूड खाने लगे तब आप उसे पानी पिला सकते हैं. ताकि उसे कब्ज की परेशानी ना हो. 
3. 6 महीने के बाद बच्चों को मां का दूध और पानी दोनों पिला सकते हैं.

 

 

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