चिन्मयानंद मामला: में पीड़ित छात्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली राहत

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पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली कानून की छात्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. छात्रा पर चिन्मयानंद से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है. हाईकोर्ट में पीड़िता ने जमानत की अर्जी लगाई थी.

इलाहाबाद हाईकोर्ट की पीठ ने चिन्मयानंद मामले की सुनवाई की, जिसके बाद जमानत दी गई. चिन्मयानंद से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में छात्रा को जेल भेजा गया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच कर रही एसआईटी की टीम ने चार्जशीट दाखिल कर दी है.

बीजेपी नेता चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के मामले में एसआईटी ने एलएलएम की छात्रा के साथ ही बीजेपी नेता और जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन डीपीएस राठौड़ का नाम भी चार्जशीट में शामिल किया था. डीपीएस राठौड़ यूपी में राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त और प्रदेश पार्टी उपाध्यक्ष के भाई हैं.

डीपीएस राठौड़ पर चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने की साजिश में शामिल होने का आरोप है. एसआईटी ने अपनी जांच के दौरान राठौड़ के पास से एक लैपटॉप जब्त किया था, जिसमें चिन्मयानंद और लड़की से जुड़े कई वीडियो मिले थे.

चिन्मयानंद मामले की सुनवाई 4 दिसंबर को

वहीं, एसआईटी यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामे के साथ प्रोग्रेस रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है. कोर्ट ने एसआईटी से बेहतर हलफनामा मांगा है. हाईकोर्ट ने पीड़िता की शिकायत पर दिल्ली के लोधी रोड थाने में मुकदमा दर्ज न होने के मामले में भी एसआईटी से जानकारी मांगी थी. इस मामले की अगली सुनवाई अब 4 दिसंबर को होगी.