ये संकेत बताते है महिला के पेट में है जुड़वा बच्चे

Web Journalism course
C के एक ही गर्भावस्था के दौरान पैदा होने वाले दो बच्चों को जुड़वा कहते हैं। इन बच्चो में काफी हद तक समानताये होती है जैसे की रूप-रंग। लेकिन कई बार जुड़वा बच्चे अलग-अलग प्रकृति के भी होते हैं क्योंकि वे दो अलग अलग अंडो में दो भिन्न-भिन्न शुक्राणुओं द्वारा निषेचित होते हैं। जुड़वां गर्भधारण सामान्य गर्भधारण से काफी अलग है। जुडवां गर्भधारण में समय से पहले डिलिवरी और जन्म के समय बच्चे के वजन कम होने की अधिक संभावना होती है। तो आइए जानें कि जुड़वा बच्चों की गर्भवती के शुरूआती लक्षण क्या-क्या है।

मॉर्निग सिक्नेस – पचास प्रतिशत से अधिक महिलाएं अपनी गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में ही मतली और जी मिचलाना का अनुभव शुरू कर देती हैं। महिला जिनके जुड़वा बच्चे होने वाले है अन्य गर्भवती महिलाओं की तुलना में मॉर्निग सिक्नेस का अनुभव अधिक करती है।

ब्लीडिंग और स्पोटिंग – एक महिला जो जुड़वा बच्चों के साथ गर्भवती है उसको स्पोटिंग और ब्लीडिंग होने की संभावना अधिक होती है। अगर आप गुलाबी और भूरे रंग के धब्बे नोटिस करते है तो यह अत्यंत सामान्य बात है। यदि आपके ब्लीडिंग हो रही है और साथ में बुखार और लाल खून के धब्बे नहीं है तो डरने की कोई बात नही हैं।

दो दिल – गर्भावस्था के नौवें सप्ताह से जुड़वा बच्चों के दिल की धड़कन अलग-अलग से सुनी जा सकती है। हालांकि, यह इतना आसान नहीं है क्योंकि इनकी पहचान को कभी-कभी अलग नहीं किया जा सकता है।

जल्दी डिलिवरी और सिजेरियन- जुड़वा गर्भावस्था के साथ महिलाओं में समय से पहले डिलिवरी होने की अधिक संभावना होती है। लेबर पेन गर्भावस्था के 36 या 37 सप्ताह के बीच में हो सकते है। इस के अलावा, जुड़वां गर्भावस्था में बच्चे ज्यादातर ब्रीच स्थिति में होते है जिस कारण डिलिवरी नॉर्मल की जगह सिजेरियन होने की संभावना बढ़ जाती है।

जुड़वां गर्भावस्था की संभावना – 30 और 40 वर्ष में महिलाओं को जुड़वा बच्चों के साथ गर्भवती होने की संभावना अधिक होती हैं। इसका कारण यह है जैसे आप बड़े होते है ओवुलटरी चक्र में संघनता कम हो जाती है। इस स्तर पर अधिक संभावना होती है एक ही समय में दो बच्चों की। जुड़वा गर्भावस्था और सामान्य गर्भावस्था में बहुत अधिक अंतर नहीं होता, लेकिन जुड़वा गर्भावस्था में वजन और थकान अधिक बढ़ने लगती है। गर्भावस्था के सामान्य लक्षण रहते हुए भी जुड़वा गर्भावस्था में जोखिम कई बार बढ़ जाते हैं। बहरहाल, गर्भावस्था कैसी भी हो देखभाल और सावधानी बेहद जरूरी है।