नई स्वर्ण नीति से घरों में रखे सोने से कैसे होगी कमाई…..

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नई दिल्ली।  वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में बजट पेश करते हुए नई स्वर्ण नीति बनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि योजना को पुनर्गठित करने से लोग बिना किसी बाधा के स्वर्ण जमा खाते खोल सकेंगे। जिस पर उन्हें अच्छा ब्याज मिलेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार देश में नियमन वाले स्वर्ण एक्सचेंजों के लिए उपभोक्ता अनुकूल और व्यापार दक्ष प्रणाली स्थापित करेगी। सोने को संपत्ति वर्ग के रूप में विकसित करने के लिए वृहद स्वर्ण नीति पर काम किया जाएगा। इससे सोने के आयात और निर्यात में आसानी होगी। इसके तहत गोल्ड बोर्ड और गोल्ड स्पॉट एक्सचेंज लाने की योजना है। सरकार ने वर्ष 2015 में पहली बार स्वर्ण मौद्रिकरण योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य परिवारों और संस्थानों में पड़े सोने को बाहर लाना था। योजना के तहत उपभोक्ता घर में बेकार पड़े सोने को निश्चित अवधि के लिए बैंकों के पास जमा करा सकते हैं। इस पर अभी उन्हें 2.25 से 2.50 प्रतिशत का ब्याज मिलता है। इससे पहले सर्राफा कारोबारियों ने मांग की थी कि सोने पर आयात शुल्क घटाकर चार फीसदी कर दिया जाए।

स्वर्ण बोर्ड बनाने की मांग- 

रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जेजीईपीसी) ने स्वर्ण आभूषण निर्यात में आ रही गिरावट पर चिंता जताते हुए देश में सोने के कारोबार को नियंत्रित करने के लिए एक नियामक और पांच वर्षीय नीति बनाए जाने की जरूरत पर बल दिया। साथ ही देश में स्वर्ण बोर्ड या भारतीय स्वर्ण प्राधिकरण बनाए जाने की आवश्यकता की बात कही है। वर्ष 2017 में 846 टन सोने का आयात किया गया था। फिलहाल
95 फीसदी से ज्यादा सोना देश में आयात किया जाता है।