बच्चों को नहलाते समय जरुर रखे इन बातों का ध्यान

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आज कल बाजार में साबुन और शेम्पू की कई किस्में मौजूद हैं. लेकिन इनमे से कुछ कई तरह के केमिकल्स से मिलकर बने होते हैं. जब बात बच्चो की नाजुक त्वचा की होती हैं तो हमे बहुत ही सावधानी से काम लेना चाहिए. बच्चो के लिए क्या सही हैं और क्या गलत उसकी अच्छे से जांच पड़ताल करने के बाद ही कोई प्रोडक्ट का उपयोग करना चाहिए. आप की मदद के लिए आज हम आपको बतलाएंगे कि बच्चे को साबुन और शेम्पू से नहलाते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

1. बच्चे के पैदा होने के कुछ दिनों बाद ही आप उसे साबुन से नहला सकते हैं. लेकिन यह प्रक्रिया उसके शरीर को देखते हुए करे. यदि बच्चा समय से पहले पैदा हो गया हैं तो ऐसा बिलकुल ना करे. 

2. बच्चे को सप्ताह में हर दिन साबुन शेम्पू से नहलाने की जरूरत नहीं हैं. सिर्फ दो या तीन बार ही इनका उपयोग करे. 

3. कोई भी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले मैनुफैक्‍चरिंग डेट और उसमे मौजूद तत्वों की जांच कर ले.

4. नहलाने से पहले बच्चो की मालिश जरूर करें. नहलाने के बाद उनकी त्‍वचा पर मॉश्‍चराइजर भी लगाए.  इस तरह बच्चो को खुजली और जलन नहीं होगी.

5. यदि आप पहली बार बच्चे की त्वचा पर शैम्पू या साबुन लगा रही हैं तो पहले उसकी त्वचा के एक हिस्से पर थोड़ा सा साबुन या शैम्पू लगा कर यह देख ले कि सब कुछ ठीक हैं. 

6. साबुन की बट्टी का डायरेक्ट प्रयोग 6 महीने से छोटे बच्चे पर ना करे. पहले साबुन हाथ में ले उसके बाद बच्चे की त्वचा पर लगाए. 

7. 3 वर्ष की आयु तक बच्‍चे को बबल्‍स बाथ न दें, इससे उसे मूत्र मार्ग में संक्रमण होने का खतरा हो सकता है.

8. हल्‍की महक या बिना महक वाले साबुन का ही उपयोग करे.  महक वाले साबुनों में कैमिकल ज्‍यादा होते हैं.

9. बच्‍चे की त्‍वचा को बहुत ज्‍यादा ना रगड़ें. बच्चो की त्‍वचा पर धूल जमा नहीं होती इसलिए सिर्फ मालिश कर नहला दें.