ऐसे करें दूसरे बच्चे के नाम का चुनाव

Web Journalism course

किसी भी माता-पिता के लिए अपने पहले बच्चे की अपेक्षा दूसरे बच्चे का नाम रखना कठिन हो जाता है। पहले बच्चे का नाम रखने के दौरान जितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है उससे कहीं ज्यादा दूसरे बच्चे के समय होती है। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चों का नाम कुछ हट कर हो जिसकी वजह से उन्हें बहुत ज्यादा रिसर्च करने की जरूरत होती है।

अक्सर माता-पिता पहले बच्चे के नाम से मिलता जुलता नाम रखने की कोशिश में मुश्किल में पड़ जाते हैं। बच्चों का नाम रखते वक्त ध्यान रखें कि नाम अर्थपूर्ण और सरल होना चाहिए। आपकी परेशानियों को समझते हुए हम आपके लिए कुछ खास टिप्स लेकर आए हैं जिनकी मदद से बच्चे का नाम रखेंगे तो आगे चलकर उन्हें यह नाम जरूर पसंद आएगा। आइए जानें दूसरे बच्चे का नाम रखते समय किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए और किन बातों का खास खयाल रखना चाहिए।  

मिलता-जुलता नाम रखें

अगर आप पहले बच्चे के नाम से मिलता जुलता कुछ नाम रखना चाहते हैं तो उसी अक्षर का चुनाव करें जिससे आपके पहले बच्चे का नाम शुरु है। ऐसे में दोनों बच्चों के नाम सुनने में अच्छा लगता है जैसे आकाश और आदर्श, हर्षित और हीमेन, उमेश और उपेंद्र।  

सुनने में एक जैसा लगे

अगर दोनों बच्चों में एक लड़का और लड़की हैं तो ऐसा नाम रखें कि सुनने में एक जैसे लगें। ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों का नाम इसी तर्ज पर रखते हैं जैसे देवांश-देवांशी, आयुष-आयूषी, आस्था-अस्तित्व आदि। अगर दोनों लड़कियां हैं तो सुचि-रुचि जैसा नाम रख सकते हैं।  

एक ही मूल का नाम रखें

पहले बच्चे का नाम जिस मूल का है कोशिश करें कि दूसरे का नाम भी उसी आधार पर हो। इससे दोनों के नामों में थोड़ी सामनता रहती है। जैसे अगर पहले बच्चे का नाम भारतीय मूल का है तो दूसरे का नाम भी उसी आधार पर रखें।

पारंपरिक नाम रखें  

अगर आपने पहले बच्चे का नाम पारंपरिक रखा है तो ध्यान रहे दूसरे बच्चे का नाम भी कुछ ऐसा ही सोचें। आप चाहें तो भारतीय नामों में लड़कों का अभिमन्यु, अर्जुन और राम जैसे नाम रख सकते हैं और लड़कियों में वरूणा, गौरी और नंदनी जैसे नाम अच्छे हो सकते हैं।   

अर्थपूर्ण नाम

आप अपने बच्चों का नाम किसी थीम के आधार पर भी रख सकते हैं जैसे लिली-हॉली, जैशन -जूनो आदि। जब आप इस तरह का नाम बच्चों को दें तो ध्यान रहें नाम अर्थपूर्ण होने चाहिए। बिना सोचे समझे कोई भी नाम आगे चलकर बच्चों के लिए परेशानी भरा हो सकता है।  

नाम में एकेलापन ना झलके

जब आप बच्चों का नाम रखें तो इसका बात ध्यान रखें कि बच्चे का नाम उसके बड़े भाईयों या बहनों से मिलता जुलता होना चाहिए नहीं तो बच्चा एकेला महसूस करता है। जैसे अगर पहले दो लड़कियों का नाम अदिता और अदरिका है तो तीसरे का नाम गिरजा। यह बच्चें में एकेलेपन की भावना लाता है।