विधानसभा के उप चुनाव से पहले जानिये भाजपा का मास्टर स्ट्रोक

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योगी सरकार ने 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कर सूबे में सियासी हलचल बढ़ा दी है।विधानसभा के उप चुनाव से पहले इसे भाजपा का मास्टर स्ट्रोक भी माना जा रहा है। दूसरी तरफ इस कदम को सपा-बसपा के तोड़ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से अलगाव की भरपाई के तौर पर भी देखा जा रहा है।

वैसे तो सरकार ने 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र जारी करने का जो आदेश किया है वह हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन है लेकिन शासनादेश जारी होने के बाद से ही प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई है। कारण है कि 17 जातियों में समाया तकरीबन 14 फीसद वोट बैैंक हर राजनीतिक दल को अपनी ओर खींचता है और कोई भी दल इन्हें लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।

इन जातियों के जारी होंगे प्रमाणपत्र

कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिंद, भर, राजभर, धीमर, बाथम, तुरहा, गोडिय़ा, माझी और मछुआ

17 अति पिछड़ी जातियों में सबसे ज्यादा निषाद 10.25 फीसद हैं। राजभर 1.32 और कुम्हार 1.84 फीसद हैैं। ये जातियां लंबे समय से खुद को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग करती आ रही हैैं।