लाल ईंटों से बना आगरा किला है बेहद खूबसूरत

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आगरा किले की खूबसूरती को देखते हुए यूनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज की लिस्ट में शामिल किया है। यह किला ताजमहल से महज 2.5 किमी की दूरी पर स्थित है इसलिए यहां आने वाले पर्यटक ताजमहल के साथ इसका दीदार करने भी जरूर करने आते हैं।

आगरा का किला इसलिए भी खास है क्योंकि यहां बाबर, हुमांयु, अकबर, जहांगीर, शाहजहां और औरंगजेब जैसे मुगलों ने शासन किया है। राज्य का खज़ाना भी यहीं रखा जाता था। सिकंदर लोदी दिल्ली का पहला सुल्तान था जिसने अपनी आगरा यात्रा के दौरान इसकी मरम्मत कराई और 1506 ईस्वी तक इसे अपनी राजधानी बनाया। 1517 में उसकी मृत्यु के बाद उसके पुत्र इब्राहिम लोदी ने 9 सालों तक शासन किया। जिस दौरान उसने कई जगहें, मस्जिदें और कुएं बनवाएं।

पानीपत के बाद यहां मुगलों ने शासन किया। उनके खजाने में कोहिनूर हीरा भी शामिल था। 1530 में इस किले में हुमायुं का राजतिलक हुआ। जहां एक युद्ध में वो शेहशाह सूरी से हार गया जिसके बाद किले पर उसका कब्जा हो गया।

अकबर ने 1558 में इसे अपनी राजधानी बनाया और पूरे 8 साल तकरीबन 4000 कारीगरों ने मिलकर इस किले को तैयार किया। 1573 में ये पूरा बनकर तैयार हुआ। यहां जोधाबाई महल भी है।

आगरा किले को लाल किला भी कहा जाता है क्योंकि इसकी बनावट काफी हद तक दिल्ली के लाल किले में मिलती-जुलती है। इसे बनाने में भी लाल रंग के बलुआ पत्थरों और सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है।

आगरा फोर्ट में हिंदू व इस्लामी कला का नायाब नमूना देखने को मिलता है। ज्यामितीय आलेखों, आयतों के अलावा इनमें पशु-पक्षियों की आकृतियां भी देखी जा सकती हैं।