बचत बनाम निवेश: कैसे बिठाएं सही संतुलन,जानिए

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लोगों का यह मानना होता है कि निवेश के बजाए बचत करना ज्यादा बेहतर विकल्प है। ऐसा इसलिए क्योंकि निवेश आमतौर पर जोखिम के अधीन होता है। आप अपनी पूंजी को किसी एसेट्स में लगा रहे हैं, जिसे आप काफी प्रॉफिटेबल मानते हैं और जहां बेहतर रिटर्न की उम्मीद रहती है। 

सेविंग का सीधा सा मतलब होता है कि आप अपने पैसों को या तो फिक्स्ड डिपॉजिट में लगा दें या फिर सेविंग अकाउंट में उसे जमा करा दें। इन दोनों पर ही समय-समय पर ब्याज मिलता रहता है। लोग निवेश के बजाए बचत को बेहतर मानते हैं क्योंकि ये जोखिम रहित तरीका है। लोगों को यह समझना होगा कि बचत और निवेश दोनों पूरी तरह से अलग अलग उद्देश्यों की पूर्ति के लिए होते हैं। कोई न सिर्फ अकेले बचत कर सकता है और न ही सिर्फ निवेश। इसके बजाए यह सलाह दी जाती है कि पहले कुछ बचाएं और बाकी हिस्से का फिर निवेश करें।

सेविंग अकाउंट में जमा राशि पर वर्तमान में अमूमन 4 फीसद तक का सालाना ब्याज मिल जाता है। हालांकि महंगाई के लिहाज से यह काफी कम है, जो कि आपकी सेविंग को बड़ा करने में काफी वर्षों का वक्त लगा देगा। वहीं अगर आप एफडी का चुनाव करते हैं तो आप जमा पर 7 से 8 फीसद तक का ब्याज हासिल कर सकते हैं। यह भी वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने में आपकी मदद नहीं कर सकता है, क्योंकि आपको रिटायरमेंट के लिए एक बड़े कॉर्पस की जरूरत होगी।