जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष नियुक्त हुए देश के पहले लोकपाल, राष्‍ट्रपति ने दी मंजूरी

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भ्रष्टाचार पर निगाह रखने वाली सर्वोच्च संस्था लोकपाल का गठन हो गया है। देश को बहुप्रतीक्षित लोकपाल मिल गया है। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश पिनाकी चंद्र घोष (पीसी घोष) को राष्ट्रपति ने देश का पहला लोकपाल नियुक्त कर दिया है।

जस्टिस घोष फिलहाल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष हैं। इसके अलावा राष्ट्रपति ने लोकपाल में चार न्यायिक और चार गैर न्यायिक सदस्यों की भी नियुक्ति की है। न्यायिक सदस्य हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश हैं जबकि गैर न्यायिक सदस्यों में आइएएस, पूर्व आईपीएस और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

सूत्र बताते हैं किसी भी पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने अध्यक्ष पद के लिए आवेदन नहीं किया। अध्यक्ष पद के लिए सुप्रीम कोर्ट के मात्र दो न्यायाधीशों जस्टिस प्रफुल्ल चंद्र पंत (पीसी पंत) और जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष (पीसी घोष) ने आवेदन किया था। सर्च कमेटी ने इन्हीं दोनों न्यायाधीशों के नाम चयन समिति को भेजे थे। जिसमें से चयन समिति ने जस्टिस घोष के नाम पर अपनी मुहर लगाई थी।

1952 में जन्मे जस्टिस पीसी घोष (पिनाकी चंद्र घोष) जस्टिस शंभू चंद्र घोष के बेटे हैं। 1997 में वे कलकत्ता हाईकोर्ट में जज बने। दिसंबर 2012 में वह आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। 8 मार्च 2013 में वह सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश प्रोन्नत हुए और 27 मई 2017 को वह सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश पद से सेवानिवृत हुए। फिलहाल वह एनएचआरसी के सदस्य हैं