क्या है मुस्लिम देशों के समूह ओआईसी का इतिहास?

Web Journalism course

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त अरब अमीरात में इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) में विदेश मंत्रियों की बैठक के उद्घाटन सत्र को सम्मानित अतिथि के रूप में संबोधित किया। स्वराज ने बैठक को संबोधित करते हुए आतंकवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद दुनिया के लिए बड़ा खतरा है। आतंकवाद लोगों का जीवन बर्बाद कर रहा है और क्षेत्रों को अस्थिर कर रहा है। आतंकवाद दुनिया को जोखिम में डाल रहा है और इसकी पहुंच बढ़ रही है।

इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) 57 देशों का प्रभावशाली समूह है। संयुक्त राष्ट्र के बाद यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा संगठन है। ओआईसी सदस्य देशों में रहनेवाले लोगों की कुल आबादी साल 2018 मे 1.9 खरब थी। 

यह पहली बार है जब भारत को ओआईसी बैठक में आमंत्रित किया गया है। भारत न तो इस समूह का सदस्य है और न ही पर्यवेक्षक देश। जबकि मुस्लमानों की आबादी के मामले में दुनिया में इसका तीसरा स्थान है। रूस और थाइलैंड जैसे देश जहां अल्पसंख्यक मुस्लमानों की अच्छी खासी आबादी है, ओआईसी के पर्यवेक्षक हैं।