बसंत पंचमी 2019 : जाने पूजन विधि और मुहूर्त

Web Journalism course

बसंत पंचमी मां सरस्वती का जन्मदिवस होने के कारण आज के दिन बालकों का विद्यारम्भ संस्कार करना अति उत्तम माना जाता है। 10 फरवरी को सरस्वती पूजा का मुहूर्त प्रातः काल से लेकर की अपराहन 2:19 तक सर्वोत्तम है। पंचमी तिथि में रेवती नक्षत्र प्रात: काल से लेकर के सायं 7:48 तक रहेगा। इसके चलते दूसरा मुहूर्त 12:30 से सायंकाल 7:02 तक शुभ योग रहेगा।

इसी दिन से होली के उत्सव की तैयारियों की शुरूआत भी मानी जाती है। उत्तर भारत में बसंत पंचमी से फाग सुनना प्रारंभ हो जाता है, जो फाल्गुन पूर्णिमा तक चलता है। साथ ही होलिका की लकड़ी एकत्र करना प्रारंभ कर दिया जाता है। इसी दिन मथुरा, वृंदावन क्षेत्र में जिस जगह होलिका दहन होता है वहां खूंटा गाड़ने की परंपरा का भी निर्वहन किया जाता है।

पहले गणेश, सूर्य, विष्णु, शिव आदि देवताओं का पूजन करके सरस्वती देवी का पूजन करना चाहिए। सरस्वती पूजन करने के लिए एक दिन पूर्व संयम नियम से रहना चाहिए तथा दूसरे दिन स्नानोपरान्त कलश स्थापित कर, पूजनादि कृत्य करना चाहिए।