यूपी सरकार ने धार्मिक एजेंडे सहित इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए किए ये एलान, जानें- बजट की खास बातें

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उत्तर प्रदेश सरकार के तीसरा बजट जारी होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद प्रसन्नता व्यक्त की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रदेश सरकार का बजट पेश होने के बाद कहा कि इस बार के बजट का आकार पिछले बजट के मुकाबले 12 फीसदी ज्यादा है। हमने अपने बजट में किसान, गरीब, महिला के साथ ही साथ अल्पसंख्यकों का पूरा ख्याल रखा है। उन्होंने कहा कि जनता को केंद्र सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिले इसका विशेष रूप से ध्यान रखा गया है।

उत्तर प्रदेश का 2019-2020 के लिए 4 लाख 79 हजार 701 करोड़ 10 लाख रुपये का बजट पेश किया गया है। यह बजट उत्तर प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। 

योगी सरकार ने अपने हिंदुत्व के एजेंडे को बढ़ावा देते हुए अयोध्या, मथुरा व काशी के लिए 462 करोड़ रुपये की योजनाओं का एलान किया है। इसके तहत ब्रज तीर्थ में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 125 करोड़ रुपये, अयोध्या के प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 101 करोड़ रुपये, मथुरा व वृंदावन के मध्य ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आठ करोड़ 38 लाख रुपये, सार्वजनिक रामलीला स्थलों में चारदीवारी निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये, गढ़मुक्तेश्वर के पर्यटक स्थलों के विकास के लिए 27 करोड़ और प्रस्तावित वृंदावन शोध संस्थान के सुद़ढ़ीकरण के लिए एक करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।

इसके अलावा काशी में लहर तारा तालाब, कबीर स्थल एवं गुरु रविदास की जन्म स्थली सीर गोवर्धनपुर के साथ ही प्रयागराज में ऋषि भारद्वाज आश्रम का विकास व लखनऊ में बिजली पासी किले का विकास करने का एलान किया है।

वहीं, ढ़ांचागत विकास को ध्यान में रखते हुए 3194 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जिसमें पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए 1194 करोड़ रुपये, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के लिए 1000 करोड़ और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के लिए 1000 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के साथ ही डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।

सरकार ने आगरा-लखनऊ प्रवेश नियंत्रित छह लेन एक्सप्रेस-वे के सुदृढ़ीकरण के लिए 100 करोड़, अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति, 2012 के क्रियान्वयन के लिए 600 करोड़, औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के लिए 482 करोड़, औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2003 के लिए 120 करोड़ रुपये और औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2012 के लिए 180 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।