डायबिटीज में बढ़ जाता है किडनी फेल हाेने का खतरा, शुरु में दिखते हैं ये 5 लक्षण

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डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, जो कई बार जानलेवा भी हो सकती है। इस रोग में रोगी के खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। इसका असर शरीर के अन्य अंगों के साथ-साथ रोगी की किडनियों पर भी पड़ता है। कई बार बढ़े हुए ब्लड शुगर के कारण मरीज की किडनियां फेल हो सकती हैं। डायबिटीज के रोगियों में किडनी की समस्या होने पर कुछ संकेत दिखाई देते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर डायबिटीज के मरीजों में किडनी की समस्या होने पर निम्न लक्षण दिखाई देते हैं।

1. डायबिटीज के रोगी को आमतौर पर जल्दी-जल्दी पेशाब आती है। मगर किडनी खराब होने पर ये समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है।

2. हमारे आंखों की रेटिना तक रक्त छोटी-छोटी धमनियों के जरिए पहुंचाया जाता है। उन धमनियों की खराबी से रेटिना को नुकसान हो सकता है। 

3. डायबिटिक नेफ्रोपैथी में पैरों में सूजन की समस्या हो सकती है। इसमें रोगी के पैरों की नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं जिसकी वजह से उन्हें पैरों में किसी प्रकार की चोट का एहसास नहीं होता है। 

4. जब किडनी में समस्या होनी शुरु होती है तो शरीर में कुछ तरह के बदलाव होने लगते हैं जिनमें से उच्च रक्तचाप एक है। डायबिटीक नेफरोपैथी में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने लगती है जिससे रक्त का प्रवाह नहीं हो पाता है।

5. डायबिटीक नेफरोपैथी के रोगियों में हृदय की बीमारियां स्वस्थ्य व्यक्ति की तुलना में ज्यादा होती है। मधुमेह पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होने के कारण हृदय की रक्त नालियों (धमनियों) में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है, जिससे रक्त के प्रवाह में रुकावट आ जाती है।