आम्रपाली ने अपने लोगों को कौड़‍ियों के भाव बेचे 1500 फ्लैट, हेल्पर बना डायरेक्टर

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आम्रपाली बिल्डर्स मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई-

इसमें कोर्ट द्वारा नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर ने बताया कि 1500 फ्लैट मिट्टी के दाम पर बि‍ल्‍डर ने अपने जान पहचान के लोगों को दिए हैं ।आम्रपाली ने बोगस कंपनियां बनाई हैं। इनमें प्रमोटर/डायरेक्टर जैसे ऊंचे पदों पर हेल्पर जैसे निचले स्तर के कर्मचारियों को रखा गया है जिन्हें इस गड़बड़ झाले की कोई ख़बर नहीं थी। एक विदेशी फाइनेंस कंपनी जेपी मोर्गन  के जरिये मॉरीशस से करोड़ो की रकम का हेरफेर किया। कोर्ट ने इस पर कंपनी के भारत के प्रतिनिधि से जवाब तलब किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने NBCC से कहा कि अब अधूरे प्रोजेक्ट के निर्माण का काम शुरू हो जाना चाहिए। 24 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई में NBCC को बताना है कि किन प्रोजेक्ट का काम सबसे पहले शुरू किया जा सकता है। आम्रपाली निवेशकों ने कोर्ट से मांग की कि निदेशकों को होटल में रखने के बजाए यूनिटेक के सीएमडी की तरह जेल में रखा जाए।