प्रयागराज में लगने वाला कुम्भ मेला कई मामलों में होगा यादगार

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 जनवरी से शुरू होने वाला दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम कुम्भ 2019 कई मामलों में यादगार साबित होगा। लौकिक, अलौकिक एवं पारलौकिक का आंनद कुम्भ देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू समेत कई विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और वीवीआईपी की बानगी बनेगी।
पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को देश के राज्यों में भेजकर वहां के राज्यपाल और मुख्यमंत्री एवं संतो से मुलाकात कर मानवता के संगम में शिरकत करने काे आमंत्रित किया है। इसके साथ विदेशी महत्वपूर्ण अतिथियों काे भी आमंत्रित किया गया है।
कुम्भ मेला राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसको दिव्य और भव्य बनाने के लिए श्री योगी यहां आठ बार से अधिक दौरा हो चुके है। इस दौरान वह कई बार तो यहां रात्रि विश्राम भी कर चुके हैं। श्री योगी ने शनिवार को संगम की रेती पर तीनों अनी अखाड़ों पंचनिर्मोही अनी अखाड़ा, पंचनिर्वाणी अनी अखाड़ा और पंचदिगंबर अनी अखाड़े में धर्मध्वजा समेत कई कार्यक्रमों में शिरकत करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान 17 जनवरी को राष्ट्रपति और 24 जनवरी को प्रधानमंत्री के संगम में आने के बारे में बताया था।
इसके अलावा 31 जनवरी और 01 फरवरी को होने वाली धर्म संसद में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आरएसएस प्रमुख माेहन भागवत आयेंगे। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को भी धर्म संसद में शिरकत करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
मेले में दुनिया के विभिन्न देशों की अलग अलग संस्कृतियों से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का समागम होगा जहां मुख्यरूप से मानवता व्याप्त होगी।
यह कुम्भ वैसे भी अपने आप में एक यादगार होगा क्योंकि पहली बार यहां 70 देशों के राजनायिक  कुम्भ मेले की तैयारी को देखने आये। सूबे की सरकार ने प्रदेश के छह लाख गांवों को भी कुम्भ का निमंत्रण भिजवाकर प्रदेश की संस्कृति को उजागर किया है। प्रदेश सरकार के साथ ही केन्द्र सरकार ने प्रयागराज में आधारभूत सुविधाओं के विकास एवं यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की बेहतर सुविधाओं के लिए 4048 करोड़ रूपये की परियोजनाओं की सौगात दी है।