गोकशी के शक में हिंसा, इकलाख हत्याकांड की जांच में शामिल इंस्पेक्टर की हत्या

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बुलंदशहर में सोमवार को गोकशी के खिलाफ लोगों का गुस्सा इतना चरम पर आ गया कि इन लोगों ने कानून हाथ में ले लिया। चौकी को फूंकने के साथ पुलिस पर भी हमला किया गया। इसमें एक इंस्पेक्टर सुबोध कुमार ने जान गंवा दी जबकि दारोगा के साथ आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हैं। पथराव में गंभीर रूप से घायल युवक सुमित ने भी दम तोड़ दिया।

सुबोध कुमार सिंह वर्तमान में बुलंदशहर में कोतवाल थे और 28 सितंबर 2015 को हुए बिसाहड़ा कांड के पहले जांच अधिकारी रहे थे। बता दें कि बिसाहड़ा में तीन साल पहले गोहत्या की सूचना पर इकलाख की हत्या हो गई थी। सुबोध कुमार ने दस आरोपितों को दूसरे दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। सुबोध कुमार के पिता भी उत्तर प्रदेश पुलिस में थे। सुबोध के पिता की मौत ट्रेन में बदमाशों से हुई मुठभेड़ के दौरान हुई थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर की घटना में दिवंगत पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिजनों को 50 लाख रुपये देने की घोषणा की है। उनकी पत्नी को 40 लाख रुपये तथा माता-पिता को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने दिवंगत इंस्पेक्टर के आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा भी की है।