प्रसून जोशी : उत्तराखंड की माटी की खुशबू उनकी लेखनी में झलकती है

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नैनीताल । प्रसिद्ध गीतकार एवं पटकथा लेखक प्रसून जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की माटी की खुशबू उनकी लेखनी में झलकती है। उत्तराखंड की प्रकृति, पहाड़ एवं प्राकृतिक सौंन्दर्य से उनको लिखने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने जीवन में जो अनुभव किया और जो सीखा उसकी झलक उनकी रचनाअों में मिलती है।

केन्द्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष श्री जोशी नैनीताल में कुमाऊं विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंचे थे। विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें आज मानद उपाधि से नवाजा गया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि उनके लिये यह उपाधि मात्र नहीं बल्कि उनके जीवन में इसका भावनात्मक महत्व है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा के चितई एवं जागेश्वर धाम से लेकर गढ़वाल के मंदाकिनी के तट से उन्होंने अनुभव किया और आत्मसात किया है उसका बिम्ब उनकी रचना मिलता है।

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित प्रसून जोशी ने आगे कहा कि भाषा मां होती है और मां एक ही होती है। भाषा मनुष्य की धमनियों में दौड़ती है। इसलिये आपको अधिक प्रयास नहीं करने पड़ते। उन्होंने कहा कि मेरी रचनाओं में जो बिम्ब नजर आते हैं वह मेरी भाषा व माटी का ही प्रभाव है। 

इसके अलावा उन्होंने कहा कि उत्तराखंड महिला सशक्तिकरण का मजबूत गढ़ है। अन्य देशों एवं राज्यों को उत्तराखंड से सीखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा पुरूषों के मुकाबले यहां महिलायें ज्यादा आत्मस्वावलंबी है। उन्होंने आगे कहा कि पलायन को रोकने के लिये यहां की संस्कृति एवं भाषा के संरक्षण पर जोर दिया जाना चाहिए।