बच्चे बिल्कुल नहीं सुनते आपकी बात, तो समझाएं इन 5 तरीकों से

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बचपन में बदमाशी और जिद तो सभी बच्चे करते हैं मगर कुछ बच्चे बड़े होकर भी जिद्दी रहते हैं। जिद्दी बच्चों को समझाने में बड़ी परेशानी होती है क्योंकि वो आपकी कोई बात नहीं सुनना चाहते हैं। कई मां-बाप बच्चों की जिद और उनके बात न मानने के कारण उनपर गुस्सा करते हैं और मारते भी हैं। मारने से बच्चे की आदत नहीं सुधरती है बल्कि वो धीरे-धीरे आपसे कटने लगता है और कई बार तो बच्चे मां-बाप से नफरत भी करने लगते हैं। बच्चे अगर आपकी बात नहीं सुनते हैं, तो परेशान न हों। इन तरीकों से उन्हें समझाने पर शायद वो आपकी बात आसानी से मानने लगेंगे।

अगर आप चाहती हैं कि बच्चा आपकी बात सुने, तो सबसे पहले आपको अपने बात करने के तरीके की तरफ गौर करना चाहिए। ज्यादा चिड़चिड़ेपन और गुस्से में कही हुई बातों को अक्सर बच्चे जिद के मारे नहीं सुनना चाहते हैं। बच्चों में आपसे ज्यादा ईगो होता है इसलिए कभी भी उसकी बेइज्जती न करें। 

कई बार आप बच्चों को कोई काम सौंपते हैं या कोई बात कहते हैं और वो बच्चे को पसंद नहीं होती है, तो बच्चा तुरंत मना कर देता है। इसका एक तरीका ये है कि बच्चे के सामने विकल्प रखें।

 माता-पिता अक्सर यही सोचते हैं कि उनका टीनएजर जो जिद कर रहा है, वह गलत है या वह जो बात कर रहा है, उसका कोई तुक नहीं है। जबकि हमेशा ऐसा नहीं होता। मां-बाप को चाहिए कि वे अपने टीनएज बच्चों की बातों को गौर से सुनें, उन्हें समझने की कोशिश करें।

बच्चे ज्यादातर चीजें अपने माता-पिता से ही सीखते हैं। नोटिस करें कि कहीं आप अक्सर अपने बच्चों को दूसरों के सामने तो नहीं डांटती या फिर बात-बात पर टोकाटाकी करती हैं। आप खुद उनके सामने उदारहण बनें। दूसरों के सामने कभी भी न उन्हें डांटें और न ही आप अपने पार्टनर के साथ ही झगड़ा करें।