दिवाली पर 59 साल बाद गुरु और शनि का दुर्लभ योग, जानिए और बातें

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दिवाली पर 59 साल बाद गुरु और शनि का दुर्लभ योग बन रहा है। साल 2018 से पहले वर्ष 1959 में एक नवंबर को दिवाली  पर गुरु वृश्चिक में, शनि धनु राशि में था। शनि ग्रह गुरु के स्‍वामित्‍व वाली राशि धनु में रहेगा। ये तीनों ग्रह एक-दूसरे की राशि में रहेंगे। दीपावली पर गुरु ग्रह, मंगल के स्वामित्व वाली वृश्चिक राशि में रहेगा। मंगल ग्रह, शनि के स्वामत्वि वाली कुंभ राशि में रहेगा।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक इस बार दीपावली पर समृद्धि और सार्म्‍थय प्रदान करने वाला आयुष्मान-सौभाग्य और स्वाति नक्षत्र का मंगलकारी त्रिवेणी संयोग बनने जा रहा है। इस संयोग में मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना से धन वर्षा होगी। इसका सकारात्मक असर लंबी अवधि तक रहेगा।

मां महालक्ष्मी के पूजन का महापर्व दीपावली इस बार सात अक्टूबर बुधवार को मनाया जाएगा। त्रिवेणी संयोग बनने के कारण इस बार की दीपावली खास होगी। इस बार दिवाली पूजा (लक्ष्मी पूजा) का समय बुधवार को शाम 05:30 से रात्रि 08:16 बजे तक उत्तम रहेगा। जो लोग इस योग में पूजा न कर सकें, वह मध्यम योग में – रात्रि 08:16 से 09:19 तक पूजा कर सकते हैं।