कर्ज के बोझ से बैंकों को बाहर निकालने की कवायद, 49 शाखाएं होंगी एक

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वाराणसी ।  केंद्र सरकार ने देना बैंक, विजया बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा को मर्जर करने का फैसला किया है। दावा किया गया है कि ये देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा। वाराणसी में इन तीनों बैंकों की 49 शाखाएं और करीब 350 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। 

बैंक यूनियन के अनुसार सरकार ने 21 सरकारी बैंकों के मर्जर के लिए आरबीआइ से एक लिस्ट बनाने को कहा है। कर्ज के बोझ तले दबे बैंकों को इसे बाहर निकालना और मजबूत बनाने के लिए ये कदम उठाया जा रहा है। अगस्त महीने में हुई एक अहम बैठक में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने भारतीय रिजर्व बैंक से समय सीमा भी बताने को कहा है। सरकार बैंकिंग सिस्टम को बेहतर और मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। देश में कुल डूबे कर्ज में से करीब 90 फीसदी हिस्सा सरकारी बैंकों का है। 21 में से 11 सरकारी बैंक हैं जिन पर नया कर्ज देने की रोक लगी हुई है। 2017 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 6 सहयोगी बैंकों का विलय हो गया था। 

बैंकों के विलय से ग्राहक पर खास असर नहीं होता है। बैंक का नाम बदल जाता है। ऐसे में पासबुक और चेक बुक बदलवानी होती है। बैंक अकाउंट में रखें पैसे पर कोई असर नहीं होता, क्योंकि ज्यादातर सरकार बैंकों की ब्याज दरें और नियमों में खास बदलाव नहीं है।