उ.प्र. में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में सभी पद भरने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन

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ऐश्वर्य उपाध्याय की रिपोर्ट 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में सभी पद भरने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने आज निशांतगंज स्थित एससीईआरटी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने न्यूनतम अहर्ता 40 व 45 फीसदी  से घटाकर 30 व 33 फीसदी करने मांग की है। लेकिन सरकार या बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से किसी ने भी अभी तक इनकी सुध नहीं ली है। फिलहाल पुलिस ने एससीईआरटी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को यहां से हटा दिया है।

ये हैं प्रमुख मांगें

पहले भर्ती परीक्षा में न्यूनतम अहर्ता 40 व 45 प्रतिशत रखी गई थी , लेकिन बाद में उसे 30 व 33 प्रतिशत कर दिया गया। इसी कटऑफ को देखते हुए परीक्षा की तैयारी की गई, बाद में परिणाम न्यूनम अहर्ता 40 व 45 प्रतिशत के आधार पर जारी हुआ, इस कारण भर्ती प्रक्रिया में 30% और 33% वाले अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया और करीब 26944 पद खाली रह गये। इससे अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है और वे इन पदों को भरने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थी चाहते हैं कि न्यूनतम अहर्ता 40 व 45 फीसदी से घटाकर 30 व 33 फीसदी की जाये।   

अभ्यर्थियों पर पुलिसिया कार्यवाही

राजधानी में नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार अभ्यर्थियों को पुलिसिया कार्यवाही से गुज़रना पढ़ रहा है। अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर बीती शनिवार दोपहर कई अभ्यर्थियों ने गोमती नदी में छलांग लगा दी थी, जिसके बाद सभी अभ्यर्थी निशांतगंज स्थित एससीईआरटी कार्यालय में धरने पर बैठ गए। देर रात एसपी सीओ समेत कई थानों की फोर्स ने पूरे कार्यालय को घेर लिया और अभ्यर्थियों को बेरहमी से घसीट कर हटाना शुरु कर दिया लेकिन अभ्यर्थी हटने को तैयार नही थें इस दौरान पुलिस कर्मियों ने महिलाओं से भी बदसलूकी की और उनको घसीट कर बाहर निकालने लगे हालांकि अभ्यर्थी हटे नही और बीच सड़क पर प्रदर्शन करने लगे।

वहीं प्रदर्शन कर रही एक महिला अभ्यर्थी ने बताया कि जब 68500 भर्ती निकाली गई थी तब 30% और 33% पर भर्ती होने की बात कही गई थी लेकिन कट ऑफ के बाद 40% 45% वाले अभ्यर्थियों का चयन किया गया जबकि 30% 33% वालों को बाहर कर दिया गया। हम सब अपनी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं और मरते दम तक करते रहेंगे।

 

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