अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में 2016 के प्रचार अभियान के दौरान दो महिलाओं को मुंह बंद रखने के लिए धन देने के मामले में माइकल कोहेन की स्वीकरोक्ति के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्होंने कोई गलती नहीं की है और उनके पूर्व अधिवक्ता कहानियां बना रहे हैं.

कानून विशेषज्ञों की माने तो ट्रंप के राष्ट्रपति काल के लिए यह बेहद खराब समय है और अब यह मामला दीवानी मुकदमे के रूप में ‘संघीय चुनाव आयोग’ के पास जा सकता है. इससे ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर मंडरा रहा खतरा और बढ़ गया है. गौरतलब है कि कोहेन ने कल न्यूयॉर्क की अदालत में यह बयान ऐसे वक्त में दिया जब ट्रंप के पूर्व प्रचार प्रमुख पॉल मैनफोर्ट को एक अन्य अदालत वित्तीय अपराध से जुड़े मामलों में दोषी ठहरा रही थी. ट्रंप के पूर्व वकील कोहेन ने कल अदालत में कई मामलों में अपना दोष स्वीकार करते हुए कहा था कि उन्होंने अपने बॉस के कहने पर दो महिलाओं को धन दिया ताकि वह राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के साथ अपने कथित प्रेम संबंधों पर मुंह बंद रखें.

कोहेन ने पॉर्न स्‍टार को दिए थे पैसे

कोहेन के अनुसार उसने पॉर्न स्टार स्टोर्मी डैनियल्स और प्लेब्वॉय केरेन मैकडुगल को धन दिया था ताकि वे चुनाव प्रचार के दौरान अपना मुंह बंद रखें. हालांकि इस पूरे मामले में ट्रंप कोहेन को ही निशाना बना रहे हैं. उनका कहना है कि कोहेन कहानियां गढ़ रहे हैं. कोहेन पर आरोप लगाने के बाद ट्रंप ने ट्वीट किया, कोहेन ने जो किया वह कोई अपराध नहीं है.

ट्रंप बोले-उन्‍हें घटनाक्रम का पता नहीं

इतना ही नहीं इसके बाद ‘फॉक्स एंड फ्रेंड्स’ को दिये गये साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि यह चुनाव प्रचार अभियान का उल्लंघन नहीं है. ट्रंप ने यह भी कहा कि महिलाओं को मुंह बंद रखने के लिए दिया गया धन उनका अपना पैसा था और उन्हें उस वक्त पूरे घटनाक्रम का पता भी नहीं था. ऐसे में वह बिल्कुल साफ-सुथरे हैं.