बच्चों के नखरे, उनके गुस्से को कैसे करें काबू…….

 

लखनउ। मुझे ये वाला वीडियो गेम चाहिए, ये वाली चाकलेट चाहिए, मुझे ये खाना नहीं खाना, ये ड्रेस नहीं पहननी, आज स्कूल नहीं जाना और भी ना  जाने कितनी फरमाइशे और नखरे होते हैं आज के बच्चों के। फरमाइशे पूरी ना हो तो गुस्सा नाक पर बैठ जाता है। अपनी बात मनवाने के लिए बच्चे जोर-जोर से रोने के साथ चीखना-चिल्लाना, गुस्से में चीजें पटकना और दांत कांटने और मारने-पीटने लगते हैं। आज सभी मम्मियां बच्चों के इन नखरों से आज़िज आ गई हैं। लेकिन इससे परेशान होने की नहीं, बल्कि इससे निपटना आना चाहिए। पीडियाट्रिशियन डॉ. विनीता सजंय के अनुसार, जनरली 1 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों में यह आदत होती है। अपनी नाराजगी, गुस्सा, झुझलाहट जाहिर करने के लिए या अपनी बात मनवाने के लिए बच्चे ऐसी हरकते करते हैं। आइए आपको बताते हैं कि कैसे काबू पायें, इन आदतों पर…..

  1. हर बार बच्चों की इच्छायें पूरी नहीं की जा सकती, इसलिए ऐसे समय उन्हें डांटने या समझाने की बजाय उनकी बातों को नज़रदांज कर दें। बच्चे का ध्यान थोड़ी देर बाद खुद ही उस चीज़ पर से हट जायेगा।
  2. समझदारी से काम लें, उन्हें एकदम से किसी बात के लिए मना करने की बजाय प्यार से समझाये कि ये चीज अभी नहीं बाद में करेंगे। बच्चों पर अपनी बात थोंपे नहीं, उनका विश्वास जीते, उनसे किये वादे को पूरा भी करें।
  3. बच्चा जब गुस्से में हो तब उसे कुछ ना समझायें, वह और झुंझला जायेगा, जब वह शांत हो तब उसे प्यार से समझाये कि उसकी बात तभी सुनी जायेगी, जब वह गुस्सा नहीं करेगा।
  4. बच्चे के गुस्से को काबू करने के लिए कभी भी इनाम या सज़ा का सहारा ना लें।
  5. बच्चों से पहले खुद के व्यवहार को चेक करें कहीं आप तो उनके सामने गुस्सा, लड़ाई-झगड़ा तो नहीं करते हैं,क्योंकि आप ही उसके रोल मॉडल हैं। अपने व्यवहार को उनके सामने संयत रखें।

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