धर्मपाल सिंह ने कहा बाणसागर परियोजना में देरी के लिए सपा और बसपा सरकारें जिम्मेदार

Web Journalism course

लखनऊ। शिलान्यास के 21 वर्ष बाद वाणसागर सिंचाई परियोजना का लोकार्पण रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे। आज सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने परियोजना की विस्तृत जानकारी दी और पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाया कि परियोजना में देरी और लागत बढऩे का पाप सपा व बसपा ने किया।

लखनऊ में धर्मपाल सिंह ने सिंचाई राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख और स्वाती सिंह की उपस्थिति में बताया कि बाणसागर परियोजना 1997 में प्रारम्भ की गयी थी, जिसके शहडोल, मध्य प्रदेश स्थित मुख्य बांध का उद्घाटन 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। इस परियोजना से मीरजापुर में 75,309 हेक्टेयर और इलाहाबाद में 74,823 हेक्टेयर यानी कुल 1,50,132 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इससे 1,70,000 किसान लाभांवित होंगे और 5.54 लाख टन खाद्यान्न अतिरिक्त उत्पादन की उम्मीद है।

15 जुलाई को परियोजना का लोकार्पण

सिंचाई मंत्री ने बताया कि परियोजना का शुरुआती लागत अनुमान 330.19 करोड़ रुपये था जो पूरी होने तक दस गुना से अधिक हो गया। परियोजना पर 3420.24 करोड़ रुपये खर्च किया गया और नहरों की कुल लम्बाई 171.80 किलोमीटर है। उन्होंने बताया कि सोन नदी पर तैयार यह परियोजना एशिया की बड़ी परियोजनाओं में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 जुलाई को परियोजना का लोकार्पण करेंगे।

विलंब पर जवाब दें अखिलेश यादव

सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने वाणसागर परियोजना में देरी के पूर्ववर्ती सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से मिली धनराशि का उचित उपयोग नहीं किया और राज्यांश नहीं दिया गया था। इसी कारण परियोजना में अनावश्यक विलंब हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास की प्रत्येक योजना पर अपना अनावश्यक हक जता रहे सपा प्रमुख अखिलेश यादव बाणसागर जैसी परियोजनाओं में देरी का जवाब क्यों नहीं देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा-बसपा को किसान विरोधी चरित्र वाणसागर परियोजना को लेकर बरती लापरवाही से उजागर हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.