जानलेवा डायबिटीज़ से कैसे बचें, जाने उपाय…..

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लख़नऊ। घर में जान पहचान में किसी ना किसी को डायबिटीज से जूझते हुए देखा जा सकता है। यह एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जो पूरी जीवनशैली काे बदलने की मांग करती है अगर आप डायबिटीज के शिकार हैं या फिर उसके मुहाने पर खड़े हैं तो थोड़ी सी लापरवाही समस्या को बढ़ा देती है। लखनऊ के जाने माने डायबेटाेलॉजिस्ट डॉ. रजनीश श्रीवास्तव के अनुसार ऐसे मरीजाें को खानपान पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है, अन्यथा शरीर के दूसरे हिस्सों पर असर पड़ता है और इंसुलिन इंजेक्शन पर निर्भरता बढ़ जाती है l

शुगर लेवल पर पड़ता है असर- डायबिटीज मिलीटस एक मेटाबाेलिक डिसॉर्डर है। सामान्य स्थिति में हम जो खाते हैं, वह ग्लूकोज में ।बदलकर खून के जरिए पूरे शरीर में फैल जाता है ।  इसके बाद इंसुलिन हारमाेन ग्लूकोज काे ऊर्जा में बदलता है। डायबिटीज होने पर शरीर में या तो पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बनता या फिर शरीर सही से इंसुलिन का इस्तेमाल नहीं कर पाता। इस वजह से शरीर शर्करा, स्टार्च व अन्य भाेजन काे ऊर्जा में बदल नहीं पाता। खून में ग्लूकोज एकत्र होता जाता है।

डायबिटीज मुख्यताैर पर दो तरह की होती है , टाइप-1 से पीड़ित लाेगाें में इंसुलिन का निर्माण नहीं होता या बहुत कम होता है । बच्चे आैर युवा इसके अधिक शिकार हाेते हैं । इसके लिए इंसुलिन का इंजेक्शन लेना होता है । डायबिटीज के 90 प्रतिशत मरीज, टाइप -2 से प्रभावित हाेते हैं। माेटापे व जीवनशैली की गड़बड़ी का इससे सीधा संबंध है । पहले जहां 35 से 40 की उम्र में इसके मामले अधिक दिखते थे, अब युवा भी इसके शिकार हाे रहे हैं ।

इन नियमों का रखें ध्यान- खान-पान कैसा हाे, यह व्यक्ति के शुगर लेवल,दिनचर्या,व्यायाम की अादताें आैर शरीर संरचना पर निर्भर करता है। इन बातों का ध्यान रखना सही रहेगा जैसे फलों में चेरी, अन्नास, रसभरी, सेब, पपीता, संतरा और अमरूद में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स यानि जीअाई होता है । इनमें फाइबर व एंटीअॉक्सीडेंट्स भी भरपूर है ।

60:20:20 का फार्मूला अपनाये-  डॉक्टर रजनीश के अनुसार- भाेजन में 60 प्रतिशत कार्ब, 20 प्रतिशत वसा व 20 प्रतिशत प्राेटीन होना चाहिए l  दिनभर में 1500-1800 कैलरी अवश्य ली जानी चाहिए । रोजाना दाे मौसमी फल व तीन तरह की सब्जियां जरूर खानी चाहिए।

इसके साथ ही दिनभर के भोजन काे पांच हिस्सों में बांट लें। एक साथ बहुत सारा खाना ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाता है । अगर थाेडे़ थाेडे़ अंतराल पर खायेगें तो शुगर लेवल मेंटेन होगा । मांसाहारी लाेगाें काे रेड मीट से परहेज करते हुए सी फूड व चिकन खाना चाहिए । नमक और चीनी दाेनाें कम खाने चाहिए प्राकृतिक मिठास वाली चीज़ें जैसे गुड़, शहद और शकरकंद खाना बेहतर रहेगा। सूखे फलों की जगह ताजे फल खाएं और फलों के जूस पीने की जगह फल खाने चाहिए ।  इससे शरीर काे फाइबर भी मिलता है ।

मैदा की जगह गेहूँ, अनाज और साेया से बनी ब्रेड बिना पॉलिश्ड चावल या ब्राउन राइस इस्तेमाल करें। खाना घर में खा रहे हो या किसी रेस्तरां में फाइबर युक्त चीज़ों का ही चुनाव करें । साबुत अनाज,अाेट्स,चने का अाटा,टाेंड दूध, दाल, सरसों व जैतून का तेल,हरी सब्जियां खाने से शुगर लेवल लाे रहता है ।

 

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