अगर कटे फटे हैं नाेट ताे बैंक दिखा सकता है ठेंगा, जानिए नाेट वापसी के नियम……

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मुंबई।  दाे हजार, पांच साै, दाे साै और 50 के नए नाेटाें को संभालकर रखिए। अगर ये खराब हो गए तो बैंक वापस नहीं लेंगे। खराब होने वाले नए नोटों को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कोई गाइडलाइन नहीं जारी की है।  इस वजह से कटे-फटे नाेट लेकर आने वाले ग्राहकों को बैंक बैरंग लौटा रहे हैं।

प्रत्येक नाेट में आरबीआई की तरफ से लिखा होता है कि मैं धारक काे उक्त रुपये अदा करने का वचन देता हूं जिसके नीचे गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं लेकिन आरबीआई कटे फटे नाेटाें की बदली काे लेकर ही मुकर गया है ऐसे नाेटाें की वापसी नहीं हो रही है। रिज़र्व बैंक एक्ट 1934 के अनुसार खराब,  तुडे़-मुड़े और फटे नाेटाें को बदलना बैंक का नियम है ।

धन वापसी का काेई पैमाना तय न होने से दाे हजार और 500 के नाेटाें काे बैंक भी वापस लेने में हिचक रहे हैं,  इसका सबसे बड़ा कारण नई करंसी का साइज पुरानी करंसी से अलग है। खराब नाेट पर कितना धन वापस होगा, यह नाेट के खराब हिस्से पर निर्भर करता है। इसका अलग सिस्टम है।

नाेट वापसी के ये नियम फॉलाे करें – 1 रुपये से 20 रुपये तक नाेट का आधा हिस्सा ठीक है ताे आरबीआई पूरा पैसा देगा।

  • अगर आधे से कम हिस्सा है तो कुछ भी नहीं मिलेगा।
  • 50 और 100 रुपये के नाेट का दाे तिहाई हिस्सा ठीक है तो आरबीआई पूरा पैसा वापस देगा।