जमीन खरीद घोटाला: यमुना प्राधिकरण का पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता गिरफ्तार

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गौतमबुद्धनगर। यमुना प्राधिकरण के पूर्व सीईओ व सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी पीसी गुप्ता को मथुरा में हुए 126 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले में गिरफ्तार कर लिया गया है। पीसी गुप्ता शुक्रवार शाम पत्नी व चालक के साथ मध्यप्रदेश के दतिया स्थित इशांबरा मंदिर से दर्शन कर लौट रहा था। मंदिर के बाहर सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने  परिसर से निकलते ही उसे हिरासत में ले लिया और गौतमबुद्धनगर के लिए रवाना हो गई। 

पीसी गुप्ता पर आरोप है कि उसने यमुना प्राधिकरण का सीईओ रहते हुए भाई, भतीजे और करीबी रिश्तेदारों के नाम मथुरा में किसानों से सस्ती दर पर मास्टर प्लान से बाहर जाकर जमीन खरीदवाई और दो माह के अंतराल में ही उस जमीन को प्राधिकरण ने खरीद लिया। प्राधिकरण ने यह जमीन मथुरा क्षेत्र मादौर, सेऊपट्टी खादर, सेऊपट्टी बांगर, कोलाना बांगर, कोलाना खादर, सोतीपुर बांगर, नौहझील बांगर में रैंप बनाने व किसानों को सात फीसद भूखंड देने के नाम पर खरीदी थी।

इस पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च किए गए। ब्याज समेत यह राशि बढ़कर 126 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि यह जमीन एक्सप्रेस से काफी दूर थी, इसलिए न तो इस जमीन पर रैंप का निर्माण हो सका और न ही किसानों को विकसित भूखंड दिए जा सके। यह जमीन एक साथ न होकर जगह-जगह टुकड़ों में बंटी थी।

प्राधिकरण के चेयरमैन व मेरठ मंडल के कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के निर्देश पर पीसी गुप्ता, तहसीलदार सुरेश शर्मा व जमीन खरीदने वाली 19 कपंनियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। बृहस्पतिवार को पुलिस को पीसी गुप्ता की मध्यप्रदेश के दतिया में लोकेशन मिली थी। इसके बाद यहां से पुलिस को मध्यप्रदेश रवाना कर दिया गया था।